पंजाब

223 वाहनों के काफिले में रवाना हुआ अमरनाथ यात्रियों का 18वां जत्था

लगातार छह दिनों तक खराब मौसम के कारण स्थगित रहने के बाद शनिवार को पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा एक बार फिर शुरू हो गई। मौसम साफ होने और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोबारा खुलने के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह लौट आया। शनिवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना किया गया। प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। 18वें जत्थे में कुल 6,269 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु-संत शामिल हैं। श्रद्धालुओं को 223 वाहनों के काफिले में सुबह करीब 2:40 बजे रवाना किया गया। सुरक्षा कारणों और मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस बार किसी भी श्रद्धालु को पारंपरिक पहलगाम मार्ग से नहीं भेजा गया। पूरा जत्था केवल बालटाल मार्ग के जरिए कश्मीर के लिए रवाना हुआ, जहां से आगे की यात्रा प्रशासन की निगरानी में कराई जाएगी। गौरतलब है कि 19 जुलाई से जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम के चलते यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया था। पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और रास्तों के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी कारण प्रशासन ने यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था।

अधिकारियों के अनुसार मौसम में सुधार होने के साथ-साथ उधमपुर-रामबन क्षेत्र में बंद पड़ा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी यातायात के लिए खोल दिया गया है। सड़क बहाल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने संयुक्त समीक्षा की, जिसके बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया। यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौसम की स्थिति पर भी हर समय नजर बनाई हुई है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 2 जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर से पहले जत्थे को रवाना किया था, जबकि यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 3 जुलाई को कश्मीर से हुआ। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर यात्रा का समापन होगा। अब तक करीब 4 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं, जबकि भगवती नगर आधार शिविर से लगभग 1.20 लाख श्रद्धालु विभिन्न जत्थों के माध्यम से यात्रा पर रवाना किए जा चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी यात्रा के दौरान बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और काफिलों को सुरक्षा बलों की निगरानी में घाटी तक पहुंचाया जा रहा है।

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