पंजाब में महिलाओं को हर महीने ₹1000-₹1500 की आर्थिक सहायता, CM भगवंत मान ने ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत की

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर राज्य की महिलाओं के लिए ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत की। इस योजना के तहत पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को हर महीने ₹1000 से ₹1500 तक की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे बाबा साहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के सपने को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह की सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना के तहत भुगतान जुलाई 2026 से शुरू होगा।
उन्होंने जानकारी दी कि फिलहाल योजना का पायलट चरण 9 विधानसभा क्षेत्रों में शुरू किया गया है, जबकि 15 मई से शेष 108 विधानसभा क्षेत्रों में भी पंजीकरण शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण की कोई अंतिम तिथि नहीं है। यदि कोई महिला सितंबर में भी पंजीकरण कराती है तो उसे जुलाई से मिलने वाली पूरी राशि (एरियर सहित) प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में आवेदन के लिए केवल आधार कार्ड, पंजाब का वोटर आईडी कार्ड और बैंक पासबुक आवश्यक है। अनुसूचित जाति की महिलाओं को जाति प्रमाण पत्र भी देना होगा, लेकिन यदि किसी महिला के पास फिलहाल प्रमाण पत्र नहीं है तो भी उसे ₹1000 प्रति माह मिलना शुरू हो जाएगा। प्रमाण पत्र जमा करने के बाद शेष ₹500 प्रति माह की राशि भी जुलाई से एरियर सहित प्रदान की जाएगी।
सरकार ने महिलाओं की सुविधा के लिए पूरे राज्य में 26 हजार से अधिक पंजीकरण केंद्र बनाए हैं। इसके अलावा हर गांव और वार्ड में महिला सत्कार सखी नियुक्त की जाएगी, जो घर-घर जाकर महिलाओं को योजना की जानकारी देगी, दस्तावेज तैयार कराने में मदद करेगी और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करवाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ₹9300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी महिला कल्याण योजनाओं में से एक होगी और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
कांग्रेस और अकाली दल पर CM मान का हमला
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने वर्षों तक गरीब और दलित समाज को शिक्षा से दूर रखा तथा छात्रवृत्ति की राशि में घोटाले कर लाखों युवाओं का भविष्य खराब किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की बजाय केवल योजनाओं के सहारे निर्भर रखने की राजनीति की, जबकि उनकी सरकार शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से समाज को मजबूत बना रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, सरकारी नौकरियां और स्वास्थ्य योजनाओं जैसी अनेक जनकल्याणकारी पहल शुरू की हैं। उन्होंने महिलाओं से राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में भी आगे आने का आह्वान किया।
गेहूं की फसल में आग की घटनाओं पर स्पीकर संधवां की अपील
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा क्षेत्र के संधवां और कोठे गज्जन सिंह गांव में आग लगने से लगभग 18 एकड़ गेहूं की फसल के नुकसान पर दुख जताया। उन्होंने प्रशासन को तत्काल नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि कटाई पूरी होने तक विशेष सावधानी बरतें। ट्रांसफार्मर के पास की फसल पहले काटें, खेतों में पानी की व्यवस्था रखें, अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखें, गांव स्तर पर राहत दल तैयार करें और बिजली शॉर्ट सर्किट या बीड़ी-सिगरेट जैसी लापरवाही से बचें, ताकि आग जैसी घटनाओं को रोका जा सके।




