होली 2026: चंपावत के कलाकारों ने मुख्यमंत्री के लिए गाए मंगल गीत, सुख-समृद्धि की मांगी दुआ।

रंगों के पावन पर्व होली की आहट के साथ ही मुख्यमंत्री आवास में कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति की छटा बिखर गई। बुधवार को चंपावत के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आए होल्यारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे होल्यारों ने कुमाऊंनी होली के विशिष्ट राग-रागिनियों के साथ मुख्यमंत्री को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
कुमाऊंनी होली: शास्त्रीय संगीत और भक्ति का संगम
इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास का प्रांगण ‘खड़ी’ और ‘बैठकी’ होली के स्वरों से गुंजायमान हो उठा।
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सांस्कृतिक प्रस्तुति: होल्यारों ने हारमोनियम और ढोलक की थाप पर पारंपरिक बैठकी होली का गायन किया, जो अपनी शास्त्रीय शुद्धता के लिए जानी जाती है। इसके पश्चात खड़ी होली के माध्यम से सामूहिक उल्लास का प्रदर्शन किया गया।
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सीएम का सम्मान: मुख्यमंत्री ने सभी होल्यारों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
“सांस्कृतिक विरासत को संजोना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी”
मुख्यमंत्री धामी ने होल्यारों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।”चंपावत और पूरे कुमाऊं क्षेत्र की होली अपनी विशिष्ट शैली और रागों के कारण देशभर में अद्वितीय पहचान रखती है। हमारी सरकार लोक कला और पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।”
प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
होल्यारों ने पारंपरिक ‘मंगल गीत’ गाकर मुख्यमंत्री और समस्त प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति और प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी समस्त उत्तराखंड वासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इस पर्व को आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाने का संदेश दिया।




