खानपुर में फिर खिंची तलवारें: शादी के वीडियो से शुरू हुआ विवाद अब ‘महापंचायत’ तक पहुंचा।

उत्तराखंड की खानपुर सीट एक बार फिर राजनीतिक अखाड़ा बन गई है। पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह ‘चैंपियन’ के एक शादी समारोह में नोट उड़ाने और हथियारों के प्रदर्शन वाले वायरल वीडियो ने एक ऐसी चिंगारी सुलझाई है, जो अब व्यक्तिगत आरोपों की आग बन चुकी है। विधायक उमेश कुमार के तीखे जवाब और चैंपियन की ‘महापंचायत’ की घोषणा ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
विवाद की शुरुआत: वायरल वीडियो और ‘देवभूमि’ की संस्कृति
मामला तब शुरू हुआ जब चैंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे डांसर पर पैसे लुटा रहे थे और उनके चारों ओर हथियारबंद लोग खड़े थे।
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उमेश कुमार का प्रहार: विधायक उमेश कुमार ने इसे देवभूमि का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
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चैंपियन का जवाब: चैंपियन ने इसे अपने मान-सम्मान की लड़ाई बताया और लंढोरा स्थित अपने आवास ‘रंग महल’ पर महापंचायत बुलाने का आह्वान कर दिया।
उमेश कुमार का फेसबुक पोस्ट: “जहां मन करे आमना-सामना कर लेना”
चैंपियन के बयानों से भड़के विधायक उमेश कुमार ने फेसबुक पर बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा:”सुन ध्यान से, जब तेरा मन करे और जहां करे आमना-सामना कर लेना। मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि इस पागल के मुंह ना लगूं, लेकिन ये चुप्पी को कमजोरी समझ लेता है।”
उमेश कुमार ने परिवार को बीच में घसीटने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी पत्नी के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चैंपियन को याद दिलाया कि उन्होंने कभी उनके परिवार पर हमला नहीं किया, यहां तक कि उनके बेटे के मामले में भी संयम बरता।
फ्लैशबैक: 2019-20 की कड़वी यादें
यह पहली बार नहीं है जब खानपुर के ये दो ‘बाहुबली’ नेता आमने-सामने हों।
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नारसन बॉर्डर की चुनौती: साल 2019-20 में भी चैंपियन ने उमेश कुमार को नारसन बॉर्डर पर ‘शक्ति प्रदर्शन’ की चुनौती दी थी।
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धारा 144: उस समय हालात इतने बिगड़ गए थे कि प्रशासन को पूरे लंढोरा में धारा 144 लगानी पड़ी थी। वर्तमान घटनाक्रम भी उसी दिशा में बढ़ता दिख रहा है।
प्रशासन अलर्ट: ‘रंग महल’ पर नजर
चैंपियन द्वारा महापंचायत बुलाने के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन बेहद सतर्क है। लंढोरा और खानपुर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर विचार किया जा रहा है ताकि 2019 जैसी तनावपूर्ण स्थिति दोबारा पैदा न हो।



