विजय राणा और रुद्र प्रताप: दो होनहार युवकों की मौत से भलस्वा और शब्बीरपुर गांव में मातम।

देहरादून/झबरेड़ा: सोमवार की सुबह देहरादून-पंचकूला नेशनल हाईवे पर छाए घने कोहरे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ठाकुर वीरेंद्र सिंह राणा के पुत्र विजय राणा (23) और उनके भांजे रुद्र प्रताप (22) की एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब खुशियों से लबालब परिवार विजय की शादी की तैयारियों में जुटा था।
सगाई की खुशियां मातम में बदलीं
विजय राणा की महज दो दिन पहले, 22 फरवरी को धूमधाम से मंगनी (सगाई) हुई थी। पूरा भलस्वा गांव इस खुशी के उत्सव में शामिल था। सोमवार सुबह विजय अपने भांजे रुद्र के साथ बुलेट बाइक पर सवार होकर जालंधर (पंजाब) के लिए निकले थे, जहाँ वे नौकरी करते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर से निकलते समय की गई वह विदा आखिरी साबित होगी।
कैसे हुआ हादसा?
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घना कोहरा: सोमवार सुबह विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम थी।
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टक्कर: सुबह करीब 7 बजे नकुड़ रोड क्रॉसिंग के पास तेज रफ्तार बुलेट आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे।
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डॉक्टरों ने किया मृत घोषित: राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
शोक की लहर: राजनीतिक जगत ने जताया दुख
विजय राणा के पिता वीरेंद्र सिंह राणा क्षेत्र के सम्मानित कांग्रेस नेता हैं। इस घटना की जानकारी मिलते ही उनके भलस्वा (झबरेड़ा) स्थित निवास पर समर्थकों और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कांग्रेस महानगर जिला अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
हाईवे पर सुरक्षा के अभाव में गई जान?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोहरे के सीजन में इस हाईवे पर संकेतक (Indicators) और ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था न होने के कारण हादसे बढ़ रहे हैं। बिना कानूनी कार्रवाई (पोस्टमार्टम) के ही परिजन दोनों के पार्थिव शरीरों को अपने साथ ले गए, जिसके बाद गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई।



