उत्तराखंड

नैनीताल पुलिस की बड़ी कामयाबी: अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार हुए फायरिंग के आरोपी।

उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में गुंडागर्दी और अवैध हथियारों के खिलाफ एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. का कड़ा प्रहार जारी है। कालाढूंगी के बैलपड़ाव क्षेत्र में फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले तीन मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई पर एसएसपी ने टीम के लिए पुरस्कार की भी घोषणा की है।

क्या था मामला? रंजिश में हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग

घटना 14 फरवरी 2026 की रात की है। बैलपोखरा तिराहे के पास पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों में मारपीट और फायरिंग हुई थी।

  • विवाद की जड़: पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वादिनी (बलजीत कौर) के पति के मित्र हरभजन की आरोपी रंजीत सिंह से पुरानी रंजिश थी।

  • वारदात: घटना की रात हरभजन ने आरोपी रंजीत को मौके पर बुलाया, जहाँ रंजीत अपने साथियों के साथ पहुँचा और गाली-गलौज व मारपीट के बाद फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस को मौके से 13 खोखे बरामद हुए थे, जो घटना की भयावहता दर्शाते हैं।

पुलिस का एक्शन: गडप्पू बैरियर के पास से दबोचे गए आरोपी

एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सुरागरसी और मुखबिर की सूचना पर 20 फरवरी 2026 को गडप्पू बैरियर के पास घेराबंदी कर तीनों नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

  1. गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (33 वर्ष): निवासी रामपुर, उत्तर प्रदेश।

  2. रंजीत सिंह (31 वर्ष): निवासी बैलपोखरा, कालाढूंगी (पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है)।

  3. मनदीप सिंह उर्फ मंगा: निवासी बैलपड़ाव।

बरामदगी का विवरण: हथियारों का जखीरा बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घातक अवैध हथियार बरामद किए हैं:

  • 02 अवैध देशी पिस्टल

  • 01 तमंचा (.22 बोर)

  • 05 जिंदा कारतूस

  • घटनास्थल से मिले 13 खोखे (32 बोर और .22 बोर)

पुलिस टीम को मिला सम्मान

सफल अनावरण और त्वरित गिरफ्तारी के लिए एसएसपी नैनीताल ने प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सैनी और उनकी टीम के उत्साहवर्धन हेतु 1,500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (BNS की संबंधित धाराएं) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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