उत्तराखंड

जर्जर व्यवस्था! केदारनाथ धाम मार्ग पर ट्रकों की कतार, आबकारी और पुलिस प्रशासन मौन।

केदारनाथ धाम के प्रवेश द्वार तिलबाड़ा में इन दिनों एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने स्थानीय जनता और तीर्थयात्रियों को हैरान कर दिया है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सड़क के दोनों ओर शराब से लदे ट्रकों की कतारें लगी हुई हैं। यह नजारा न केवल यातायात को बाधित कर रहा है, बल्कि ‘देवभूमि’ की धार्मिक शुचिता पर भी सवालिया निशान लगा रहा है।

“गोदाम फुल हैं, ट्रक सड़क पर हैं”: आबकारी विभाग का तर्क

जब इस स्थिति पर सवाल उठाए गए, तो आबकारी विभाग ने एक अजीबोगरीब दलील दी। अधिकारियों का कहना है कि गोदामों में जगह की भारी कमी है और भंडारण क्षमता से अधिक माल आ जाने के कारण ट्रकों को फिलहाल सड़क किनारे ही रोका गया है। विभाग का दावा है कि यह एक अस्थायी समस्या है और जल्द ही नए गोदामों की व्यवस्था कर माल उतार लिया जाएगा।

Liquor Trucks Parked on Kedarnath Route

स्थानीय लोगों का आक्रोश: “अनाज नहीं, शराब का भंडार क्यों?”

तिलबाड़ा के स्थानीय निवासी इस दलील से संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का आरोप है कि:

  • खपत का दबाव: जब पहले से गोदाम भरे हुए हैं, तो फिर इतनी बड़ी खेप क्यों मंगाई गई? क्या यह पहाड़ी समाज पर शराब की खपत बढ़ाने का कोई दबाव है?

  • प्राथमिकता पर सवाल: लोगों का कहना है कि पहाड़ में कभी सब्जी या अनाज के ट्रक इस तरह कतारों में नहीं दिखते, फिर शराब के स्टॉक को लेकर इतनी ‘तत्परता’ क्यों?

  • Liquor Trucks Parked on Kedarnath Route

प्रशासनिक लापरवाही और नैतिक चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि केदारघाटी जैसे संवेदनशील और पवित्र क्षेत्र में इस तरह की अव्यवस्था गलत संदेश देती है। इसके कई गंभीर पहलू हैं:

  1. सुरक्षा का खतरा: सड़क किनारे खड़े शराब से लदे ट्रक दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।

  2. कुप्रबंधन: अगर भंडारण की क्षमता नहीं थी, तो मांग (Indent) पहले क्यों दी गई? क्या यात्रा सीजन का फायदा उठाकर अवैध स्टॉक जमा किया जा रहा है?

  3. धार्मिक मर्यादा: करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र केदारनाथ मार्ग पर शराब का यह ‘प्रदर्शन’ अशोभनीय है।

प्रशासन अब नए गोदाम बनाने की बात तो कर रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह महज एक प्रशासनिक चूक है या किसी बड़ी लापरवाही का हिस्सा?

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