सर्वे रिपोर्ट से मची खलबली! उत्तराखंड भाजपा में टिकट बंटवारे का नया फॉर्मूला तैयार

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की जंग जीतने के लिए भाजपा ने अपने ‘मिशन रिपीट’ की बिसात बिछा दी है। 14 फरवरी को राजधानी देहरादून में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चुनावी अभियान का रोडमैप तैयार किया। बैठक का संदेश स्पष्ट था—अकर्मण्यता की कोई जगह नहीं है और हर चेहरे को अपनी सीट पर खुद को साबित करना होगा।
सर्वे रिपोर्ट ने बढ़ाई विधायकों की धड़कन
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पार्टी का पहला राज्य स्तरीय गुप्त सर्वे रहा। सूत्रों के अनुसार, इस सर्वे के नतीजे कोर कमेटी के सामने रखे गए हैं। सर्वे में विधायकों के रिपोर्ट कार्ड, जनता के बीच उनकी छवि और सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का डेटा शामिल है। इसके आधार पर:
-
रेड जोन विधायक: खराब परफॉरमेंस वाले विधायकों के टिकट कटने की तलवार लटक गई है।
-
दूसरा चरण: अब केंद्रीय नेतृत्व अपने स्तर पर एक और स्वतंत्र सर्वे कराएगा, जिसके बाद ‘जिताऊ’ उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर मंथन होगा।
“सीट फिक्स”: नड्डा का सख्त संदेश
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ कर दिया कि इस बार किसी भी विधायक या मंत्री को सीट बदलने की सुविधा नहीं दी जाएगी। पार्टी का रुख सख्त है—जिसे जहां से जिम्मेदारी मिली है, उसे वहीं कमल खिलाना होगा। यह रणनीति भीतरघात को रोकने और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करने के लिए बनाई गई है।
बूथ मैनेजमेंट और संगठन का तालमेल
बैठक में जेपी नड्डा ने ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र पर जोर दिया। इसके मुख्य बिंदु रहे:
-
समन्वय: सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए 17 फरवरी को एक और अहम बैठक बुलाई गई है।
-
डिजिटल और जमीनी प्रचार: केंद्र और धामी सरकार की उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और पन्ना प्रमुखों को सक्रिय किया जाएगा।
-
कमजोर सीटें: उन क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है जहां पिछले चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन कमजोर रहा था।




