उत्तराखंड

जेंडर बजट और आत्मनिर्भर नारी: क्या धामी सरकार मान लेगी मंत्री रेखा आर्या का 30 प्रतिशत वाला सुझाव?

उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण बजट सत्र (2026-27) इस बार पहाड़ की गोद, यानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे से लौटने के बाद इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। सीएम ने स्पष्ट किया है कि सरकार ग्रीष्मकालीन राजधानी में सत्र आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पिछली ‘मजबूरी’ और इस बार की तैयारी मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पिछले वर्ष तकनीकी कारणों और विधानसभा भवन में चल रहे मेंटेनेंस (रखरखाव) कार्य की वजह से सत्र को देहरादून में आयोजित करना पड़ा था। लेकिन इस बार सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं। सीएम के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें सत्र के स्थान को लेकर संशय जताया जा रहा था।

बजट का आकार और प्राथमिकताएं सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले 10 से 15 प्रतिशत तक बड़ा हो सकता है। चुनाव से ठीक एक साल पहले आने वाले इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस इन क्षेत्रों पर रहेगा:

  • आधारभूत ढांचा: नई सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार।

  • स्वास्थ्य सेवाएं: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं।

  • पलायन रोकथाम: पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर।

रेखा आर्या का ‘जेंडर बजट’ दांव इस बजट सत्र से पहले कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने एक बड़ा प्रस्ताव मुख्य सचिव आनंद वर्धन को भेजा है। उन्होंने मांग की है कि कुल बजट का 30 प्रतिशत हिस्सा ‘जेंडर बजट’ के रूप में आवंटित किया जाए। उनका तर्क है कि यदि उत्तराखंड की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, तो उनके लिए विशेष योजनाओं और निवेश की आवश्यकता है।

Related Articles

Back to top button