पहाड़ में दहशत: ककोड़ाखाल क्षेत्र में गुलदार ने बच्चे को बनाया निशाना, मची चीख-पुकार।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला जनपद रुद्रप्रयाग के छिनका ककोड़ाखाल (नगरासू) क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ बीती देर रात एक आदमखोर गुलदार ने 5 साल के मासूम बच्चे पर हमला कर उसे अपना निवाला बनाने की कोशिश की और उसे जंगल की ओर उठा ले गया। घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सर्च ऑपरेशन जारी: टीमें रात भर छानती रहीं जंगल
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशन में प्रशासन और पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं। एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी और एसडीओ वन विभाग देवेंद्र पुंडीर के नेतृत्व में लगभग 20 लोगों की तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि DDRF के 9 जवानों को आधुनिक सर्च उपकरणों के साथ मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रात भर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक मासूम का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
प्रशासन का बड़ा फैसला: क्षेत्र के 8 स्कूलों में छुट्टी घोषित
गुलदार की सक्रियता और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने ऐहतियातन कदम उठाए हैं। बच्चों की जान को खतरे में न डालते हुए 4 और 5 फरवरी को क्षेत्र के 8 विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
बंद रहने वाले प्रमुख विद्यालय:
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय: चमसील, सारी, सिंद्रवाणी, झालीमठ, छिनका, हिलोरीधार।
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राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय: छिनका।
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जनता हाई स्कूल: ककोड़ाखाल।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत
इस घटना ने वन विभाग की गश्त और सुरक्षा दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही गुलदार बस्तियों में धमक रहे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुहाल हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और रात के समय घरों के बाहर रोशनी रखें।



