मोहाली के सेक्टर-82A में कारोबारी के ठिकाने पर ED की तलाशी, पटियाला में भी रेड

पंजाब में ED की कार्रवाई से हलचल
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पंजाब के पटियाला और मोहाली में कई ठिकानों पर छापेमारी की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी की टीमें मंगलवार देर रात से कुछ स्थानों पर तलाशी और रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई हैं।
पटियाला में कंपनियों के रिकॉर्ड खंगाले
पटियाला के अर्बन एस्टेट फेज-2 की कमर्शियल मार्केट में शोरूम नंबर 8, 9 और 10 पर ED की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। इन परिसरों से Flying Feathers और DM Web Based Solutions नाम की कंपनियों के जुड़े होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। जांच टीम दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और दूसरे रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, ED की कार्रवाई कथित फर्जी कॉल सेंटर और साइबर फ्रॉड से जुड़े पहलुओं की जांच के तहत बताई जा रही है। सूत्रों के हवाले से संदिग्ध बड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की बात सामने आई है। हालांकि, इस मामले में ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मोहाली के सेक्टर-82A में भी तलाशी
इसी कार्रवाई के तहत मोहाली के IT City स्थित सेक्टर-82A के प्लॉट नंबर 2010 पर भी ED की टीम के पहुंचने की जानकारी है। यहां दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इस ठिकाने को लेकर भी जांच का पूरा दायरा अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है।
मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट में उठाया मामला
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी ED की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। उनकी पोस्ट में पटियाला, मोहाली और अन्य स्थानों पर चल रही कार्रवाई का जिक्र किया गया है।
मजीठिया ने मोहाली की कार्रवाई को एक पंजाब कैडर के IPS अधिकारी से कथित तौर पर जुड़ा बताया है। हालांकि, इस कनेक्शन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। द ट्रिब्यून ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से कहा है कि कुछ प्रभावशाली लोगों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है, लेकिन किसी वरिष्ठ अधिकारी के कथित संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल ED की कार्रवाई के पीछे पूरे मामले, संदिग्ध लेनदेन और जांच के दायरे में शामिल लोगों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। एजेंसी की तलाशी पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच किस मामले में और किन आरोपों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।



