रामलला के दर्शन करने पहुंचे CM योगी, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

अयोध्या:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर अधिकारियों व ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए मंगलवार सुबह से ही मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने का काम तेज कर दिया गया था। अयोध्या पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त सदस्यों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शन प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मंदिर के संचालन को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया। अधिकारियों और ट्रस्ट पदाधिकारियों को व्यवस्थाओं में बेहतर समन्वय और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी अयोध्या आते हैं, रामलला और हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन जरूर करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त करने के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
यह दौरा मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जितेंद्र मिश्रा के कार्यभार संभालने के बाद हुआ है। जितेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह संभाली। मुख्यमंत्री ने उनके साथ मंदिर के भविष्य के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की। इससे पहले जितेंद्र मिश्रा मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कैफियत ट्रेन से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से वह सीधे राम मंदिर परिसर पहुंचे, जहां श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका के साथ बैठक की।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सीईओ जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि फिलहाल उनकी परिचयात्मक बैठक चल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही राम मंदिर से जुड़े भविष्य के प्लान और आगे की कार्ययोजना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।




