हरिद्वार में सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था होगी दुरुस्त, तीन महीने में कमियां दूर करने का लक्ष्य

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जनपद के 87 विभागों एवं कार्यालयों के लिए विभागवार उपसमितियां गठित की गई हैं। ये टीमें न्यायालय परिसर, कलक्ट्रेट, तहसील, पुलिस कार्यालय, नगर निकायों समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में बने सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल, बिजली और प्रकाश व्यवस्था, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग सुविधाएं, दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच, नियमित सफाई, अनुरक्षण और आवश्यक मरम्मत जैसे बिंदुओं की जांच की जाएगी।
सभी उपसमितियों को 15 सितंबर 2026 तक निरीक्षण पूरा कर विस्तृत जांच एवं अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों के आधार पर विभागवार कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रशासन की योजना के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 तक आवश्यक वित्तीय स्वीकृतियां और धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद स्वीकृत कार्यों को पूरा करने और चिन्हित कमियों के निराकरण के लिए 15 नवंबर 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण में सामने आने वाली सभी कमियों का तीन महीने के भीतर पूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कराए गए कार्यों का मौके पर जाकर सत्यापन भी कराया जाएगा।
सभी विभागों को 20 नवंबर 2026 तक विभागवार और कार्यालयवार अनुपालन रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया है। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बिनवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी योगेश कुमार, स्वजल नोडल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




