जीरा हलके में चुनावी सरगर्मी तेज, AAP-कांग्रेस-अकाली दल-भाजपा में टिकट की दौड़ शुरू


2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर जीरा हलके में अभी से राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेता क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं। टिकट को लेकर विभिन्न दलों में संभावित दावेदार सामने आने लगे हैं। नेता लगातार लोगों से संपर्क कर रहे हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। आम आदमी पार्टी की टिकट के लिए मौजूदा विधायक नरेश कटारिया के अलावा गुरप्रीत सिंह और शमिंदर खिंडा के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (बादल) की ओर से हरप्रीत सिंह हीरो की दावेदारी सामने आ रही है। आप के संभावित दावेदार गुरप्रीत सिंह ने जीरा हलके के अलग-अलग गांवों में लोगों से संपर्क बढ़ा दिया है। वह स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ उनके समाधान के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं। गुरप्रीत सिंह ने जीरा में अपना कार्यालय भी शुरू किया है। इसके जरिए वह लोगों से सीधे संपर्क बनाने और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता कुलबीर सिंह जीरा भी अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में हार के बाद वह लगातार सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। कुलबीर सिंह जीरा लोगों के छोटे-बड़े मुद्दों को उठाने और उन्हें हल करवाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मुलाजिमों के धरने में पहुंचकर पंजाब की आप सरकार पर निशाना भी साधा था। जीरा हलके में चुनावी माहौल के साथ विकास कार्यों को लेकर भी राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है।
मौजूदा विधायक नरेश कटारिया ने क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं का दावा किया है। कटारिया के अनुसार हलके में सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने दरिया के किनारे करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर नोज बनाने की बात कही है। विधायक ने हरिके हेड से निकलने वाली नहर के जरिए सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए करीब 190 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का भी दावा किया है। इसके अलावा मल्लांवाला में सीवरेज पाइपलाइन के लिए 29 करोड़ रुपये मंजूर होने की जानकारी दी गई है। हालांकि भाजपा नेता अवतार सिंह मिन्ना ने इन विकास दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जीरा हलके में ऐसा कोई उल्लेखनीय विकास नहीं हुआ, जिससे आम लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। मिन्ना ने क्षेत्र में नशे की बिक्री, सीवरेज पाइपलाइन की गुणवत्ता, सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इन मुद्दों को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। जीरा के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के नरेश कटारिया ने शिरोमणि अकाली दल के जनमेजा सिंह सेखों को 22,776 वोटों के अंतर से हराया था। 2022 के चुनाव में जीरा हलके में कुल 1,87,300 मतदाता थे और करीब 78.8 प्रतिशत मतदान हुआ था। इससे पहले 2017 में कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा ने अकाली दल के हरि सिंह को 23,071 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी।
वहीं 2012 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल के हरि सिंह ने कांग्रेस के नरेश कटारिया को 11,967 वोटों के अंतर से हराया था। चुनावी नतीजों से साफ है कि जीरा में पिछले तीन विधानसभा चुनावों में सत्ता का समीकरण लगातार बदलता रहा है। आगामी चुनाव में स्थानीय मुद्दे भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। बिजली, पेयजल, सीवरेज और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याएं लोगों के लिए प्रमुख चिंता बनी हुई हैं। कई इलाकों में सीवरेज की समस्या के कारण गलियों में गंदा पानी जमा होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके अलावा दुकानदारों के साथ कथित लूट की घटनाओं को लेकर भी कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन रहा है। फिलहाल चुनाव में अभी समय है, लेकिन जीरा हलके में नेताओं की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। आने वाले महीनों में टिकट के दावेदारों की संख्या और बढ़ सकती है और चार प्रमुख दलों के बीच मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।




