पंजाब

बठिंडा में CM मान की सुरक्षा चुनौती बढ़ी, जिला परिषद को मिली बम धमाके की धमकी

बठिंडा में मुख्यमंत्री भगवंत मान के तीन दिवसीय दौरे से ठीक दो दिन पहले जिला परिषद परिसर को बम धमाके से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। गुरुवार को जिला परिषद कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। ईमेल की सूचना मिलते ही एहतियात के तौर पर जिला परिषद परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। परिसर में मौजूद लाइब्रेरी को खाली करवाया गया और लोगों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी गई। जिला परिषद परिसर में कार्यालय के अलावा लाइब्रेरी और कई दुकानें भी मौजूद हैं। धमकी मिलने के बाद सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर की तलाशी शुरू की। बम निरोधक दस्ते और सेबोटाज विरोधी जांच टीमों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की आशंका को देखते हुए सुरक्षा कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक धमकी भरे ईमेल की जांच की जा रही है। ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसकी जानकारी जुटाने के लिए साइबर जांच भी की जा रही है।

यह मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के बठिंडा दौरे से ठीक पहले सामने आया है। मुख्यमंत्री 5 से 7 सितंबर तक बठिंडा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनके कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 5 सितंबर को भगवंत मान शहीद भगत सिंह स्टेडियम में ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के मुकाबलों का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 6 सितंबर को घुडा और 7 सितंबर को महराज गांव में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पहले से ही जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही थी। अब जिला परिषद परिसर को मिली धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है। बठिंडा में यह पहली बार नहीं है जब संवेदनशील स्थानों को धमकी मिली हो। इससे पहले 26 अगस्त को जिला अदालत परिसर और कुछ शिक्षण संस्थानों को भी बम धमाके की धमकी वाले ईमेल भेजे गए थे। इन धमकी भरे ईमेल में 5 सितंबर को बठिंडा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की हत्या करने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई थी। उस समय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। जांच के बाद उन धमकी भरे ईमेल को पुलिस ने होक्स यानी फर्जी धमकी बताया था। हालांकि, इसके बावजूद संवेदनशील सरकारी और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया था। लगातार दूसरी बार धमकी सामने आने से सुरक्षा एजेंसियां अब ईमेल के स्रोत और इसके पीछे सक्रिय लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। इससे पहले 24 अगस्त को बठिंडा जिले के कुछ स्थानों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिलने से भी पुलिस प्रशासन में चिंता बढ़ी थी। इनमें एक सरकारी स्कूल भी शामिल था। इन नारों में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी दिलावर सिंह की प्रशंसा किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जिले में चौकसी बढ़ा दी गई।

जिला परिषद को मिली ताजा धमकी के बाद पुलिस अब पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। डीएसपी अरुण मुंडन ने बताया कि सूचना मिलते ही इमारत को खाली करवाकर सेबोटाज विरोधी जांच शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमकी वाला ईमेल किसी खालिस्तान समर्थक समूह की ओर से भेजे जाने की आशंका है। हालांकि, ईमेल की वास्तविकता और स्रोत की पुष्टि के लिए जांच जारी है। लगातार सामने आ रही धमकियों के कारण मुख्यमंत्री भगवंत मान के बठिंडा दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम वाले स्थानों के अलावा सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, अदालत परिसरों और अन्य संवेदनशील जगहों पर भी सुरक्षा जांच बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता धमकी की सच्चाई का पता लगाने और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकने की है। सुरक्षा एजेंसियां ईमेल से जुड़े डिजिटल सुरागों की भी जांच कर रही हैं। बठिंडा में पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रख रहा है।

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