उत्तराखंड

देहरादून विकास: लंबित योजनाओं की होगी समयबद्ध समीक्षा, हर काम की तय होगी जिम्मेदारी

देहरादून:- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने देहरादून और आसपास के शहरों को बेहतर, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए विकास कार्यों में तेजी शुरू कर दी है। लंबित योजनाओं की समयबद्ध समीक्षा के साथ अब हर परियोजना के लिए समय-सीमा और जिम्मेदारी तय की जा रही है। शहर में सड़क, पार्किंग, सिटी पार्क और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राधिकरण की ओर से शहरी व्यवस्थाओं को आधुनिक स्वरूप देने के साथ नागरिक सुविधाओं में सुधार की दिशा में काम किया जा रहा है।

15 अक्टूबर तक चलेगा व्यापक सौंदर्यीकरण अभियान

देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में 15 अक्टूबर तक व्यापक सौंदर्यीकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सड़कों, डिवाइडरों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों का G-20 की तर्ज पर कायाकल्प करने की योजना है। सौंदर्यीकरण के दौरान हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पिंक टॉयलेट और स्थानीय संस्कृति से जुड़े तत्वों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य शहर के प्रमुख हिस्सों को आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक स्वरूप देना है।

पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान तलाशेगा MDDA

देहरादून में बढ़ती पार्किंग समस्या को देखते हुए इसके स्थायी समाधान की दिशा में भी योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए उपलब्ध भूमि, मौजूदा यातायात दबाव और भविष्य में बढ़ने वाली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाई जाएगी। इससे शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच पार्किंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने और यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

GIS और ड्रोन से अवैध निर्माण पर नजर

शहर में अवैध और अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए GIS, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। तकनीक के माध्यम से अनधिकृत निर्माण की शुरुआती स्तर पर पहचान करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्राधिकरण का लक्ष्य अवैध निर्माण को शुरुआती चरण में ही चिन्हित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

विकास कार्यों की तय होगी जिम्मेदारी

लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा के साथ प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विकास योजनाओं को लंबे समय तक लंबित रहने से रोकने और निर्धारित समय में पूरा कराने की दिशा में निगरानी मजबूत होगी।

Related Articles

Back to top button