हल्द्वानी भेजा गया शव वापस काशीपुर लौटा, शाम को फिर हुआ पोस्टमार्टम

उधमसिंह नगर:- उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में 18 वर्षीय कांति झा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। सड़क किनारे खून से लथपथ हालत में मिले कांति के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों और पुलिस को काशीपुर से हल्द्वानी के बीच करीब 170 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ी। दस्तावेजों में कथित कमी के कारण हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहले पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद शव को वापस काशीपुर लाना पड़ा, जहां जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोबारा हल्द्वानी भेजा गया। कई घंटों की भागदौड़ के बाद शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम किया जा सका।
रामनगर हाईवे किनारे मिला था खून से लथपथ शव
जानकारी के अनुसार, बीते गुरुवार सुबह काशीपुर निवासी 18 वर्षीय कांति झा का शव रामनगर हाईवे के किनारे खून से लथपथ हालत में मिला था। शुरुआती तौर पर उसके सिर में गोली लगने की आशंका जताई गई, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सामान्य प्रक्रिया के बजाय डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया। इसी के तहत गुरुवार शाम शव को काशीपुर से हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
शुक्रवार सुबह होना था पोस्टमार्टम, दस्तावेजों को लेकर अटक गई प्रक्रिया
कांति के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह कराया जाना था, लेकिन मेडिकल कॉलेज में शव के साथ भेजे गए मेमो और अन्य दस्तावेजों को लेकर आपत्ति जताई गई। कथित तौर पर जरूरी कागजात पूरे न होने के कारण डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। परिजनों की ओर से जरूरी दस्तावेजों को व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन इससे बात नहीं बनी। इसके बाद शव को शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वापस काशीपुर भेजना पड़ा। इस दौरान एक तरफ परिवार अपनी बेटी की मौत के सदमे में था, वहीं दूसरी ओर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए पुलिस और परिजनों को कई घंटों तक दौड़भाग करनी पड़ी।
काशीपुर लौटकर तैयार किए गए दस्तावेज, फिर हल्द्वानी रवाना हुआ शव
शव लेकर पुलिस टीम और कांति की बड़ी बहन शांति दोपहर करीब 2 बजे काशीपुर पहुंचीं। यहां आवश्यक दस्तावेजों को दोबारा तैयार कराया गया। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम करीब 4 बजे शव को फिर से हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया। करीब ढाई घंटे बाद, शाम लगभग 6:30 बजे कांति के शव का पोस्टमार्टम हो सका। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान शव को काशीपुर और हल्द्वानी के बीच दो बार ले जाना पड़ा, जिससे परिजनों को करीब 170 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ी।
देर रात हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया। शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे ढेला नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर कांति का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब परिवार और पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही कांति की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
काशीपुर अस्पताल ने मानी दस्तावेजी चूक
मामले को लेकर काशीपुर उप जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप दीक्षित ने स्वीकार किया कि शव के साथ भेजे गए दस्तावेजों में मरीज की ओपीडी पर्ची शामिल नहीं थी। उन्होंने इसे त्रुटिवश हुई चूक बताया। सीएमएस के अनुसार, संबंधित डॉक्टर को भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा न करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। हालांकि, दूसरी ओर पुलिस का इस मामले में अलग पक्ष सामने आया है।
पुलिस ने कहा- कोई बड़ी कमी नहीं थी
काशीपुर के सीओ प्रशांत कुमार के अनुसार, पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेजों में ऐसी कोई बड़ी कमी नहीं थी, जिसके कारण प्रक्रिया को रोका जाना जरूरी होता। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज के संबंधित अधिकारी ने कागजात में कमी बताते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लंबा कर दिया। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अलग-अलग बयानों के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि दस्तावेजों में केवल एक जरूरी पर्ची की कमी थी, तो क्या इसे दूसरे माध्यम से उपलब्ध कराकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती थी। हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की अपनी-अपनी प्रक्रिया और नियम हैं। ऐसे में दस्तावेजी कमी और पोस्टमार्टम में हुई देरी की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति आगे की जांच या विभागीय स्तर पर स्पष्ट हो सकती है।
कांति की मौत की गुत्थी सुलझाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम
18 वर्षीय कांति झा की मौत फिलहाल संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। शव मिलने के समय उसके सिर में गोली लगने की आशंका जताई गई थी, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण और चोटों की प्रकृति से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मौत गोली लगने से हुई या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था। फिलहाल कांति की मौत की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को दो शहरों के बीच बार-बार दौड़ लगाने की घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं और विभागीय समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।




