उत्तराखंड

जसपुर में भारी बारिश के बाद नदी उफान पर, स्कूली बच्चों से लेकर किसानों तक की बढ़ी मुश्किल

रुद्रपुर:- उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच उधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र में फीका नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बीती शाम से जारी मूसलाधार बारिश के बाद नदी उफान पर है। इससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। हजीरो गांव को भी संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल किया गया है। फीका नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी पार का इलाका जसपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है। हजीरो गांव जसपुर शहर से महज सात से आठ किलोमीटर दूर है, लेकिन नदी के उफान पर आने के बाद ग्रामीणों के लिए शहर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। हर मानसून में ग्रामीणों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है।

आपात स्थिति में बढ़ जाती है परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग बाधित होने पर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी शहर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा चिंता स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति को लेकर रहती है। अचानक किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर समय पर जसपुर पहुंचना चुनौती बन जाता है। स्थानीय निवासी दलजीत सिंह ने बताया कि भारी बारिश के चलते फीका नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों के साथ मवेशियों के चारे की समस्या भी बढ़ जाती है। कई जगह पानी भरने से पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो जाता है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर कटाव का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय करने की मांग की।

स्कूली बच्चों और किसानों की भी बढ़ी मुश्किल

स्थानीय निवासी तरसेम सिंह के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ जाती है। संपर्क मार्ग प्रभावित होने से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर से कृषि भूमि में भी नुकसान का खतरा रहता है। पानी और कटाव की वजह से गन्ने सहित अन्य फसलों के प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने नदी किनारे स्थायी रूप से पत्थरों की पीचिंग कराने की मांग की है, ताकि कटाव और बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके।

फीका नदी के पास स्थापित की गई बाढ़ चौकी

जसपुर के उपजिलाधिकारी राहुल शाह ने बताया कि बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील नदी किनारे और नदी से सटे आबादी वाले इलाकों को चिह्नित किया गया है। फीका नदी के पास बाढ़ चौकी भी स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर प्रभावित लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विभिन्न केंद्र तैयार रखे गए हैं।

रेड अलर्ट के दौरान संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील

एसडीएम के अनुसार, खतरनाक और संवेदनशील स्थानों पर रहने वाले लोगों को भी आवश्यक सूचना दी गई है। उन्हें बाढ़ या रेड अलर्ट की स्थिति में संवेदनशील स्थानों पर न रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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