उत्तर प्रदेश

पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह की मौत से सनसनी, पुलिस ने बरामद किया सुसाइड नोट

गोरखपुर:- गोरखनाथ थाना क्षेत्र में 52 वर्षीय पशु चिकित्सक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए गरिमा सिंह को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है।

नाश्ते के बाद छत पर टहलने गए थे डॉक्टर

पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान परमात्मा सिंह (52) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मऊ जिले के रहने वाले थे और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर स्थित एक अपार्टमेंट में परिवार के साथ रहते थे। गुरुवार सुबह नाश्ता करने के बाद परमात्मा सिंह अपार्टमेंट की छत पर टहलने गए थे। कुछ देर बाद उन्होंने कथित तौर पर छत से छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में उनकी पत्नी सुमित्रा सिंह, बेटा अरिहंत सिंह और बेटी बिन्नी हैं। फिलहाल परमात्मा सिंह महाराजगंज के नौतनवा में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे।

सुसाइड नोट में गरिमा सिंह का नाम

गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें गरिमा सिंह को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। पुलिस सुसाइड नोट में लिखी बातों की भी जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी का था मामला

पुलिस के अनुसार परमात्मा सिंह ने 5 अगस्त को एम्स थाना क्षेत्र में एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि रेलवे अधिकारी की बेटी गरिमा सिंह ने उनके साथ करीब 1.40 करोड़ रुपये की ठगी की है। मामले में गरिमा सिंह और उनके पिता ध्रुव नारायण सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्री को जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पत्नी बोलीं- बैंक से लगातार आ रहे थे फोन

मृतक की पत्नी सुमित्रा सिंह ने बताया कि बैंक से लगातार फोन आ रहे थे। उनके मुताबिक पति पर बड़ी रकम चुकाने का दबाव था। उन्होंने बताया कि परमात्मा सिंह की करीब सवा लाख रुपये मासिक आय थी, जबकि उनकी ईएमआई लगभग तीन लाख रुपये बताई गई। पत्नी के अनुसार आर्थिक दबाव के कारण वह काफी तनाव में रहने लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कथित ठगी की रकम की रिकवरी नहीं हुई तो दूसरे लोग भी इसी तरह गंभीर कदम उठा सकते हैं।

कई लोगों से ठगी के आरोप, जांच जारी

परिवार का आरोप है कि गरिमा सिंह और उनके पिता पर कई लोगों से कथित तौर पर ठगी करने के आरोप हैं और कुछ अन्य लोगों ने भी उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुसाइड नोट और पूर्व में दर्ज मुकदमे से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: आत्महत्या की खबरों को रिपोर्ट करते समय जिम्मेदार व्यक्तियों के आरोपों को अंतिम निष्कर्ष की तरह नहीं, बल्कि पुलिस/परिवार के दावे के रूप में देखना चाहिए। यदि आप या कोई परिचित तत्काल संकट में है, तो स्थानीय आपातकालीन सहायता या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से तुरंत संपर्क करें।

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