पंजाब

तेल, गैस और पोटाश को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार की बड़ी पहल

पंजाब में तेल, प्राकृतिक गैस और पोटाश जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला सहित छह जिलों में विस्तृत सर्वे शुरू करेगी। इस अभियान का उद्देश्य संभावित तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों का वैज्ञानिक आकलन करना है, जिससे भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की भूमिका मजबूत हो सके। मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत राजस्थान के बाड़मेर, सांचौर, जैसलमेर और बीकानेर-नागौर क्षेत्र में भी सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संसाधनों की खोज से देश की आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बरिंदर गोयल ने कहा कि पोटाश की खोज का मुद्दा भी हाल ही में केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया था। इसके बाद केंद्र ने इस परियोजना के लिए 19 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। वर्तमान में 10 अलग-अलग स्थानों पर पोटाश की खोज के लिए ड्रिलिंग का कार्य जारी है और अब तक लिए गए सैंपलों पर केंद्र की विशेषज्ञ टीम ने संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पोटाश आयात करता है, जबकि पंजाब में पर्याप्त भंडार मिलने की स्थिति में न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की मांग पूरी की जा सकती है। इससे कृषि क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि पोटाश उर्वरकों का प्रमुख घटक माना जाता है।

इस मुद्दे पर विधानसभा में विधायक संदीप जाखड़ ने सरकार से विस्तृत जानकारी साझा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई महीनों से प्रदेश में पोटाश के भंडार मिलने की चर्चा हो रही है, लेकिन अब तक खोज कार्य की प्रगति, संभावित भंडार और आर्थिक लाभ को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जाखड़ ने सरकार से आग्रह किया कि पोटाश खोज परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाए ताकि सभी जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की जनता को यह पता चल सके कि अब तक कितना काम हुआ है, आगे की योजना क्या है और राज्य को इससे कितना आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

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