एटा में 12वीं तक के स्कूल शनिवार-सोमवार बंद, कांवड़ यात्रा को लेकर बड़ा फैसला – Parvat Sankalp News

एटा: सावन के दौरान कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के एटा जिले में प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम फैसले किए हैं। सोरों और कछला घाट पर गंगाजल लेने पहुंचने वाले कांवड़ियों की बढ़ती संख्या और शहर में संभावित भीड़ को देखते हुए जिले में रूट डायवर्जन लागू किया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कक्षा 12वीं तक के विद्यालयों को शनिवार और सोमवार को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है और रोडवेज बसों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा।
कांवड़ यात्रा के चलते स्कूलों में छुट्टी
कांवड़ यात्रा के दौरान एटा शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ रहने की संभावना है। इस दौरान सड़कों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए शहर के कई प्रमुख स्कूलों ने शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित किया है। यह फैसला मुख्य रूप से विद्यार्थियों की सुरक्षा और उन्हें कांवड़ यात्रा से जुड़े भारी ट्रैफिक से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए भीड़भाड़ वाले दिनों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
शुक्रवार रात से लागू हुआ रूट डायवर्जन
कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ ही एटा में शुक्रवार रात से रूट डायवर्जन व्यवस्था लागू कर दी गई है। डायवर्जन के दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। रोडवेज बसों समेत अन्य वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा।मौजूदा डायवर्जन व्यवस्था सोमवार शाम 6 बजे तक लागू रहेगी। इसके बाद भी सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग तारीखों पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
इन तारीखों पर भी रहेगा डायवर्जन
- 7 से 11 अगस्त
- 14 से 17 अगस्त
- 21 से 24 अगस्त
इन सभी अवधि में डायवर्जन व्यवस्था शुक्रवार से सोमवार शाम तक लागू रहेगी।
इन शहरों से आने वाले भारी वाहनों की एंट्री पर रोक
डायवर्जन के दौरान अलीगढ़, पिलुआ, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज, बदायूं, बरेली, शिकोहाबाद और टूंडला की ओर से आने-जाने वाले भारी वाहनों को एटा शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। भारी वाहनों को अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों से उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। वहीं, कांवड़ यात्रा के दौरान एटा-कासगंज मार्ग को वन-वे रखा जाएगा, ताकि यातायात को नियंत्रित किया जा सके और कांवड़ियों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा न आए।
अलीगढ़-पिलुआ से मैनपुरी जाने वाले वाहन
अलीगढ़ और पिलुआ की तरफ से मैनपुरी जाने वाले भारी वाहनों को एटा बाईपास के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
अलीगढ़-पिलुआ से फिरोजाबाद
फिरोजाबाद जाने वाले वाहनों को मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद होते हुए भेजा जाएगा।
एटा से बदायूं-बरेली
एटा से बदायूं और बरेली की ओर जाने वाले भारी वाहनों को ओन घाट चौकी, सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा और कादरगंज मार्ग से भेजा जाएगा।
मैनपुरी से आने वाले वाहन
मैनपुरी की ओर से आने वाले भारी वाहनों को एटा बाईपास के रास्ते अलीगढ़ की ओर भेजा जाएगा।
कासगंज से फिरोजाबाद
कासगंज से फिरोजाबाद जाने वाले वाहनों को सौरभ ढाबा, अमांपुर, एटा बाईपास, मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद होते हुए निकाला जाएगा।
शिकोहाबाद से एटा
शिकोहाबाद से एटा आने वाले भारी, हल्के और आवश्यक वस्तुओं से जुड़े वाहनों को घिरोर-मैनपुरी मार्ग से संचालित किया जाएगा।
टूंडला से बदायूं-बरेली
टूंडला की ओर से आने वाले वाहनों को फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, घिरोर, कुरावली, मलावन, एटा बाईपास, सिढ़पुरा और गंजडुंडवारा होते हुए बदायूं-बरेली की ओर भेजा जाएगा।
रोडवेज बसों के लिए भी बदले गए रास्ते
कांवड़ यात्रा के दौरान केवल भारी वाहनों पर ही प्रतिबंध नहीं रहेगा। यातायात के दबाव को देखते हुए रोडवेज बसों का संचालन भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से कराया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के साथ-साथ आम यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए यातायात को सुचारु बनाए रखना है।
एटा-कासगंज मार्ग रहेगा वन-वे
कांवड़ यात्रा के दौरान एटा-कासगंज मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान डायवर्जन प्लान को ध्यान में रखते हुए ही अपने गंतव्य के लिए निकलें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।




