फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने वाला गिरोह बेनकाब, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा

लक्सर/हरिद्वार:- हरिद्वार पुलिस ने जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के फरार इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। करीब छह महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे आरोपी को सुभाषगढ़ तिराहे से दबोच लिया गया। आरोपी पर ₹5 हजार का इनाम घोषित था और वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई पहले ही की जा चुकी थी और वह लंबे समय से फरार था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मुकदमा
जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 को थाना पथरी में जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट भी खोली थी। पुलिस का आरोप है कि गिरोह लोगों को जमीन खरीदने-बेचने के नाम पर झांसे में लेकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए आर्थिक नुकसान पहुंचाता था।
चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार, अब मुख्य आरोपी भी पकड़ाया
इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। हालांकि गिरोह का मुख्य आरोपी रोमी चौहान उर्फ “सेठजी” लगातार फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उस पर ₹5 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से मंगलवार को उसे सुभाषगढ़ तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
लगातार बदल रहा था ठिकाना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रोमी चौहान गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी रुड़की के सोनालीपुरम का रहने वाला है और पिछले छह महीने से फरार था। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत थाना पथरी पुलिस अब तक 10 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने का एक और मामला
इसी बीच पथरी थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है। हरियाणा के मेवात निवासी अली मोहम्मद ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन को फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेजों के आधार पर बेचने की कोशिश की गई। पीड़ित के अनुसार उनका परिवार वर्ष 1984 में हरिद्वार के ग्राम ऐथल से हरियाणा के मेवात में जाकर बस गया था। हाल ही में उन्हें सूचना मिली कि उनकी जमीन का सौदा किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने लक्सर तहसील पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच कराई।
फर्जी आधार कार्ड से तैयार किया गया इकरारनामा
जांच के दौरान पीड़ित को जमीन से संबंधित एक पंजीकृत इकरारनामा मिला। उनका आरोप है कि इसमें किसी अन्य व्यक्ति ने उनके नाम का इस्तेमाल करते हुए फर्जी आधार कार्ड के आधार पर दस्तावेज तैयार किए। बताया गया कि यह इकरारनामा 17 मार्च 2026 को तैयार किया गया था और इसमें स्थानीय व्यक्ति को गवाह भी बनाया गया था।
कोर्ट जाने पर मिली जान से मारने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने पूरे मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया तो कथित आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गांव छोड़ने और शिकायत वापस लेने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल कुछ लोग पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
थाना पथरी पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि जमीन से जुड़े सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। दस्तावेजों की सत्यता, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



