उत्तराखंड

मसूरी में भारी भूस्खलन, पहाड़ी से आए मलबे ने रेस्टोरेंट किया तबाह

मसूरी: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब पर्यटन नगरी मसूरी में भी गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। सोमवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से जनजीवन प्रभावित हो गया। सबसे अधिक नुकसान पानी वाले बैंड क्षेत्र में हुआ, जहां पहाड़ी से आए भारी मलबे ने एक रेस्टोरेंट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। राहत की बात यह रही कि रेस्टोरेंट में मौजूद सभी लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

दूसरी बार तबाह हुआ रेस्टोरेंट

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2025 की आपदा में भी यही रेस्टोरेंट पूरी तरह नष्ट हो गया था। भारी आर्थिक नुकसान के बावजूद संचालक ने दोबारा मेहनत कर इसे फिर से तैयार किया था, लेकिन इस बार फिर बारिश और भूस्खलन ने उसकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। लगातार दूसरी बार हुए नुकसान ने क्षेत्र में भूस्खलन के स्थायी खतरे और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मसूरी-कैंपटी रोड पर भारी भूस्खलन

लगातार बारिश के कारण मसूरी-कैंपटी रोड (राष्ट्रीय राजमार्ग-707A) पर गस्ती बैंड के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो गई। मार्ग बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही प्रभावित हुई। कई वाहन घंटों तक सड़क के दोनों ओर फंसे रहे।

मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी बढ़ी मुश्किलें

बारिश के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे यातायात बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद सड़क को आंशिक रूप से खोलने की कोशिश की गई।

हर मानसून में दोहराई जाती है समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी वाले बैंड क्षेत्र में हर वर्ष मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं होती हैं, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते भू-सुरक्षा, रिटेनिंग वॉल और जल निकासी जैसी स्थायी व्यवस्थाएं नहीं की गईं तो हर साल लोगों की जान, संपत्ति और पर्यटन कारोबार पर संकट बना रहेगा।

प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के अलर्ट के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों और पर्यटकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित इलाकों में न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि सड़कों को जल्द से जल्द सुचारु करने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने के लिए संबंधित विभाग लगातार मौके पर काम कर रहे हैं।

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