
देहरादून: उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में सामने आए कथित पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि भर्ती और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार, 25 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता प्रेमनगर स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाएगी।
कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में समय-समय पर परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जिससे युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित होता है। पार्टी का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में देहरादून सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
कांग्रेस ने यह भी कहा है कि युवाओं के रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दे लंबे समय से पार्टी के एजेंडे में शामिल रहे हैं। पार्टी का दावा है कि इन विषयों पर लगातार आवाज उठाई जाती रही है और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि UTU पेपर लीक मामला आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का अहम मुद्दा बन सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।




