“छात्र न्याय किससे मांगें?” विनेश फोगाट ने उठाए बड़े सवाल

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक और ओलंपिक पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र अपने भविष्य और अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, तो उन्हें न्याय आखिर किससे मिलेगा। विनेश फोगाट ने अपने संदेश में कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित बदसलूकी और बल प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अहिंसा और अनुशासन का रास्ता न छोड़ें। विनेश ने कहा कि आंदोलनों को बदनाम करने या भटकाने की कोशिशें हो सकती हैं, लेकिन शांतिपूर्ण संघर्ष ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने छात्रों से संयम बनाए रखने और अपने अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने का आग्रह किया। अपने संदेश में उन्होंने शहीद भगत सिंह का भी उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि आज भी युवाओं में वही जज्बा और साहस मौजूद है, लेकिन लोकतंत्र में सबसे प्रभावी हथियार सत्य, धैर्य और अहिंसा ही हैं। विनेश फोगाट के इस बयान के बाद छात्र आंदोलन और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।



