उत्तराखंड

12 सेक्टरों में हो रही जनसुनवाई, देहरादून के भविष्य की योजना में जनता की भागीदारी

देहरादून: राजधानी के भविष्य को सुनियोजित, आधुनिक और पर्यावरण संतुलित स्वरूप देने के उद्देश्य से तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 के तहत मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा जनसुनवाई अभियान लगातार जारी है। अभियान के 11वें दिन राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और विभिन्न हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।

जनसुनवाई के दौरान प्रतिभागियों ने शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सड़क नेटवर्क के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग सुविधाओं के विकास, आंतरिक संपर्क मार्गों के सुधार, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज व्यवस्था और आवासीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी व्यापक चर्चा हुई। नागरिकों ने हरित क्षेत्रों के संरक्षण, प्राकृतिक जल स्रोतों की सुरक्षा, वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण, संतुलित भूमि उपयोग और पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास को महायोजना का अभिन्न हिस्सा बनाने की मांग की। कई प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि आने वाले वर्षों में बढ़ते शहरी विस्तार के साथ विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी, इसलिए महायोजना में दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

एमडीडीए अधिकारियों ने जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से दर्ज किया। अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक सुझाव का तकनीकी, विधिक और व्यवहारिक स्तर पर परीक्षण किया जाएगा, ताकि अंतिम महायोजना को अधिक जनहितकारी, व्यावहारिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।

प्राधिकरण ने बताया कि 6 जुलाई से 21 जुलाई तक देहरादून महायोजना-2041 के अंतर्गत शहर को 12 सेक्टरों में विभाजित कर क्रमवार जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। इसी श्रृंखला में 21 जुलाई को प्रातः 11 बजे सेक्टर-12 के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, चंद्रबनी रोड, देहरादून में अंतिम जनसुनवाई आयोजित होगी, जहां संबंधित क्षेत्र के नागरिक अपनी राय, सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

एमडीडीए का कहना है कि जनभागीदारी के आधार पर तैयार की जा रही यह महायोजना आने वाले वर्षों में देहरादून के यातायात, आवास, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत ढांचे और संतुलित शहरी विकास की दिशा तय करेगी। नागरिकों से प्राप्त सुझाव भविष्य के विकसित, व्यवस्थित और सतत देहरादून की मजबूत नींव साबित होंगे।

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