उत्तराखंड

उत्तराखंड में मौसम फिर बनेगा चुनौती, ऑरेंज-येलो अलर्ट के बीच भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपना असर दिखा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार को भी तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों के लिए गरज-चमक और बिजली चमकने के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इसके साथ ही टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला थमने के आसार नहीं हैं और 26 जुलाई तक कई क्षेत्रों में मौसम खराब बना रह सकता है।

⚠️ नदी-नालों से दूर रहने की सलाह

लगातार बारिश के मद्देनजर प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी, नालों और बरसाती गदेरों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा खराब मौसम के दौरान गैर-जरूरी यात्रा टालने और पहाड़ी मार्गों पर सफर करने से पहले स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है।

🚧 भूस्खलन और भूधंसाव से 98 मार्ग बंद

प्रदेश में बारिश के साथ भूस्खलन और भूधंसाव की घटनाओं ने सड़क यातायात को भी प्रभावित किया है। सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुल 98 सड़कें बंद रहीं। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा आने और भूधंसाव के कारण यातायात बाधित हुआ। देहरादून जिले में देहरादून-मसूरी राज्य मोटर मार्ग पर भूधंसाव के कारण आवाजाही प्रभावित हुई। जिले में कुल 10 मार्ग बंद बताए गए हैं। वहीं, अल्मोड़ा में सात और रुद्रप्रयाग में सात ग्रामीण मार्गों पर यातायात ठप रहा।

🏔️ चमोली में हाईवे पर मलबा, कई ग्रामीण सड़कें बंद

चमोली जिले में सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने के कारण मार्ग बाधित हो गया। इसके अलावा जिले के करीब 25 ग्रामीण मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित रही। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें खोलने के काम में भी चुनौती बनी हुई है। पिथौरागढ़ में 14 ग्रामीण मोटर मार्ग, नैनीताल में एक राज्य मार्ग और पांच ग्रामीण सड़कें, उत्तरकाशी में दो ग्रामीण मोटर मार्ग और चंपावत में तीन मार्ग बंद रहे। टिहरी में भी नौ ग्रामीण मोटर मार्ग बारिश और भूस्खलन के कारण प्रभावित बताए गए हैं। बागेश्वर जिले में भी कई ग्रामीण मार्गों पर यातायात बाधित है।

सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को खोलने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मौसम खराब रहने के कारण कई स्थानों पर राहत और सड़क बहाली का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

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