उत्तराखंड

पूर्व CM और केंद्रीय मंत्री भुवन चंद्र खंडूरी की याद में लोकसभा में श्रद्धांजलि सभा

नई दिल्ली:- संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सदन में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, सैन्य सेवा और देश के प्रति योगदान को याद किया गया। भुवन चंद्र खंडूरी ने भारतीय सेना में गौरवशाली सेवा देने के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का नेतृत्व किया और केंद्र सरकार में मंत्री के तौर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा, उन्होंने लंबे समय तक गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधित्व किया।

ओम बिरला ने कहा- सदन हमेशा याद रखेगा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भुवन चंद्र खंडूरी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संसदीय योगदान और सार्वजनिक जीवन देश के लिए महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी पांच बार लोकसभा के सदस्य रहे और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सदन की कार्यवाही में सक्रिय भूमिका निभाई। लोकसभा अध्यक्ष के अनुसार, उनका अनुशासित व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन में योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।

अनिल बलूनी ने भी पूर्व मुख्यमंत्री को किया याद

गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान सांसद अनिल बलूनी ने भी सदन में भुवन चंद्र खंडूरी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गौरव की बात है कि जिस गढ़वाल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भुवन चंद्र खंडूरी ने लंबे समय तक किया, आज उसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर उन्हें मिला है। अनिल बलूनी ने कहा कि खंडूरी के आदर्श, उनकी कार्यशैली और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।

सेना से राजनीति तक रहा शानदार सफर

भुवन चंद्र खंडूरी का सार्वजनिक जीवन कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा। सेना में मेजर जनरल के पद तक पहुंचने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। राजनीति में आने के बाद उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ ही केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया। अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान वह पांच बार लोकसभा के सदस्य रहे और गढ़वाल क्षेत्र की आवाज को संसद में मजबूती से उठाते रहे।

91 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

भुवन चंद्र खंडूरी का 19 मई 2026 को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे खंडूरी ने देहरादून के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद उत्तराखंड समेत देशभर में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया था।

राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

उनका अंतिम संस्कार अगले दिन हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, सैन्य अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। लोकसभा में श्रद्धांजलि के दौरान सदस्यों ने उनके सैन्य अनुशासन, राजनीतिक योगदान और उत्तराखंड के विकास में उनकी भूमिका को याद किया।

Related Articles

Back to top button