उत्तराखंड

भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा, देहरादून में जिलाधिकारी ने विभागों को हाई अलर्ट पर रखा

राजधानी देहरादून में आगामी दिनों के दौरान मौसम के गंभीर रहने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जिले में 18 और 19 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट, 20 जुलाई को रेड अलर्ट तथा 21 जुलाई को पुनः ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इस अवधि के दौरान कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी वर्षा, जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी की आशंका जताई है। मौसम की गंभीर चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी विभागाध्यक्षों, विभागीय नोडल अधिकारियों, आपदा प्रबंधन टीमों और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पहले से पूरी तैयारी सुनिश्चित करें और समन्वय के साथ कार्य करें।

20 जुलाई के रेड अलर्ट को लेकर विशेष तैयारियां

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर जिले की समस्त आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा। सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लगातार मौजूद रहने, मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक संसाधनों की अग्रिम व्यवस्था करने को कहा है ताकि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में देरी न हो।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी

प्रशासन ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस किया है जहां हर वर्ष भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे स्थानों पर जेसीबी मशीनें, राहत उपकरण, बचाव सामग्री और प्रशिक्षित कर्मियों की पहले से तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संबंधित विभागों को सड़क मार्गों को सुचारु बनाए रखने, बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं पर लगातार निगरानी रखने के लिए भी कहा गया है।

24 घंटे सक्रिय रहेंगी आपदा राहत एजेंसियां

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान तथा अन्य सभी संबंधित एजेंसियां आगामी दिनों में 24×7 अलर्ट मोड पर रहें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे, इसके लिए कंट्रोल रूम और आपदा प्रबंधन तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

हर घटना की सूचना तुरंत जिला आपातकालीन केंद्र को दें

प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि यदि कहीं भूस्खलन, सड़क बाधित होने, जलभराव, पेड़ गिरने या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलती है तो उसकी जानकारी तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए लगातार स्थिति की समीक्षा करने और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आम नागरिकों से प्रशासन की महत्वपूर्ण अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें तथा नदी-नालों, पुलों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें। इसके अलावा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना देने की भी अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि समय रहते सतर्कता और बेहतर समन्वय के जरिए जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।

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