जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी, सोशल मीडिया पर भी सोनम वांगचुक के समर्थन में अभियान

नई दिल्ली:- जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन का गुरुवार को 27वां दिन रहा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 19वें दिन में पहुंच गई। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत में गिरावट दर्ज की गई है। डॉक्टरों ने उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी में रखा है और नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इधर, प्रदर्शन को राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी मिल रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
डिंपल यादव ने युवाओं के समर्थन की बात कही
जंतर-मंतर पहुंचीं डिंपल यादव ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है। उन्होंने देशभर के छात्रों, युवाओं और विपक्षी दलों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने की अपील भी की।
राकेश टिकैत बोले- किसान भी होंगे आंदोलन में शामिल
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान संगठन भी आंदोलन के समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसान और युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को आगे रखेंगे।
सोशल मीडिया पर भी बढ़ा समर्थन
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई फिल्म कलाकारों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की आवश्यकता जताई है।
डॉक्टरों की निगरानी में सोनम वांगचुक
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का वजन 9 किलोग्राम से अधिक घटकर लगभग 56.90 किलोग्राम रह गया है। मेडिकल जांच में उनका ब्लड प्रेशर 101/65 mmHg, ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत और रैंडम ब्लड शुगर 89 mg/dL दर्ज किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, वे पूरी तरह होश में हैं और मानसिक रूप से सतर्क हैं, लेकिन लगातार कई दिनों तक भोजन न लेने के कारण शारीरिक कमजोरी बढ़ गई है। इसी वजह से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




