पंजाब-हिमाचल में युवाओं पर बेरोजगारी की सबसे बड़ी मार, राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा आंकड़े

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey – PLFS) 2025 के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में शिक्षित युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में बेरोजगारी दर पंजाब में 17 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 19.8 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत 9.9 प्रतिशत से काफी अधिक है। हरियाणा में यह दर 11.8 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट बताती है कि इन राज्यों में शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बन पा रहे हैं। पंजाब में स्नातक (Graduate) युवाओं की बेरोजगारी दर 11.6 प्रतिशत, हरियाणा में 10.3 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 12.1 प्रतिशत दर्ज की गई।
महिलाओं में बेरोजगारी की स्थिति और भी गंभीर है। 15 से 29 वर्ष की युवतियों में बेरोजगारी दर पंजाब में 27.7 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 17.4 प्रतिशत और हरियाणा में 14.3 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 11.3 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हिमाचल प्रदेश में अधिकांश लोग स्व-रोजगार (Self Employment) पर निर्भर हैं, जबकि पंजाब और हरियाणा में नियमित वेतन वाली नौकरियों का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल आधारित अवसर बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।




