2022-06-28

निर्जला एकादशी 2019 : जानिए क्या है इसका महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, इसे भीम एकादशी भी …

डेस्क। गंगा दशहरा के बाद होने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस बार यह 13 जून यानी गुरुवार को मनाई जाएगी। पूरे साल की 24 एकादशियों में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे भीम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

निर्जला एकदशी का महत्‍व
साल में पड़ने वाली 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी का सबसे अधिक महत्व है। इसे पवित्र एकादशी माना जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से सालभर की 24 एकादशियों के व्रत का फल मिल जाता है, इस वजह से इस एकादशी का व्रत बहुत महत्व रखता है।

निर्जला एकादशी की पूजा विधि
निर्जला एकादशी के दौरान भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। सुबह व्रत की शुरुआत पवित्र नदियों में स्नान करके किया जाता है। अगर नदी में स्नान ना कर पाएं तो घर पर ही नहाने के बाद ‘ऊँ नमो वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें लाल फूलों की माला चढ़ाएं, धूप, दीप, नैवेद्य, फल अर्पित करके उनकी आरती करें। 24 घंटे बिना अन्न-जल व्रत रखें और अगले दिन विष्णु जी की पूजा कर व्रत खोलें। इस व्रत के दौरान ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देना शुभ माना जाता है।

निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 जून शाम 06:27
एकादशी तिथि समाप्‍त: 13 जून 04:49

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