High Court News
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उत्तर प्रदेश
गाजीपुर केस में अफजाल अंसारी को राहत, अगली सुनवाई तक नहीं होगी गिरफ्तारी
प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को शस्त्र लाइसेंस की मूल फाइल गायब होने से जुड़े मामले में फिलहाल…
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उत्तराखंड
नियमित नियुक्ति तक संविदा कर्मियों को न हटाने का आदेश, फिर भी सेवा समाप्त; हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
नैनीताल:- उत्तराखंड के तकनीकी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के मामले में नैनीताल…
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पंजाब
मंत्री के कनाडा दौरे को लेकर बढ़ा विवाद, हाईकोर्ट में चुनौती
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के कनाडा दौरे को लेकर नया कानूनी विवाद सामने आया है। इस…
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पंजाब
‘सतलुज’ फिल्म विवाद: हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर उठाए सवाल
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के खिलाफ दायर…
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पंजाब
पंजाब निकाय चुनावों पर हाईकोर्ट की रोक 18 मार्च तक बढ़ी, वार्ड परिसीमन विवाद पर जारी सुनवाई
पंजाब में नगर निकाय चुनावों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य…
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पंजाब
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त: CBI भ्रष्टाचार मामले में पंजाब पुलिस अधिकारी की जमानत खारिज, लुधियाना में 9 लड़कियों के लापता होने पर मांगा जवाब चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर उर्फ एच.एस. भुल्लर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति सुमीत गोयल ने अपने आदेश में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 के तहत दर्ज आरोप बेहद गंभीर हैं, खासकर जब मामला एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जुड़ा हो। अदालत ने माना कि मामले की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा। इसी दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना में 48 घंटे के भीतर नौ लड़कियों के लापता होने संबंधी एक समाचार रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लिया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए पंजाब सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने संबंधित उपायुक्त (Deputy Commissioner) को निर्देश दिया है कि वे समाचार रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों और प्रशासन द्वारा अब तक उठाए गए कदमों का विस्तृत हलफनामा 10 दिनों के भीतर अदालत में प्रस्तुत करें। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। अदालत ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी भी मांगी है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ…
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