
हरिद्वार: उत्तराखंड में जीएसटी विभाग की कार्रवाई के तहत हरिद्वार के एक नामी मिठाई प्रतिष्ठान पर देहरादून से पहुंची जीएसटी टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान प्रतिष्ठान से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के रिकॉर्ड में करीब 30 लाख रुपये की विसंगतियां सामने आने की जानकारी मिली है। विभागीय टीम प्रतिष्ठान के कारोबारी दस्तावेजों और कर संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
जीएसटी टीम ने खंगाले कारोबारी दस्तावेज
जानकारी के मुताबिक, देहरादून से आई जीएसटी टीम ने हरिद्वार स्थित मिठाई प्रतिष्ठान में पहुंचकर कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान बिलों, खरीद-बिक्री के विवरण और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया गया। जांच का मुख्य उद्देश्य कारोबारी रिकॉर्ड और जीएसटी रिटर्न में दर्ज जानकारी के बीच किसी तरह की असमानता का पता लगाना था।
करीब 30 लाख रुपये की ITC में विसंगतियां
जांच के दौरान करीब 30 लाख रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में विसंगतियां मिलने की बात सामने आई है। आईटीसी वह कर क्रेडिट है, जिसका लाभ कारोबारी निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत अपनी खरीद पर चुकाए गए जीएसटी के आधार पर ले सकते हैं। इसके लिए संबंधित लेन-देन और आवश्यक दस्तावेजों का नियमों के अनुरूप होना जरूरी है।
यदि कारोबारी रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों के बीच अंतर पाया जाता है, तो विभाग संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण मांग सकता है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, करीब 30 लाख रुपये की विसंगति सामने आने का अर्थ अपने आप में यह नहीं है कि उतनी ही राशि की कर चोरी अंतिम रूप से साबित हो गई है। मामले में आगे की स्थिति जांच और दस्तावेजों के सत्यापन पर निर्भर करेगी।
आगे की जांच पर टिकी नजरें
जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे होने वाली जांच महत्वपूर्ण होगी। विभाग रिकॉर्ड का मिलान कर विसंगतियों की प्रकृति और उनके कारणों का पता लगा सकता है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
हरिद्वार के मिठाई कारोबार से जुड़े इस मामले में अब जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जीएसटी टीम को करीब 30 लाख रुपये की आईटीसी में विसंगतियां मिली हैं। अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।




