राष्ट्रीय

शादी के बाद आधार में नया नाम दर्ज कराने के लिए क्या करें? जानें UIDAI की प्रक्रिया

शादी के बाद कई लोग अपने नाम या सरनेम में बदलाव करते हैं। ऐसे में बदला हुआ नाम सभी जरूरी सरकारी और आधिकारिक दस्तावेजों में अपडेट कराना जरूरी हो जाता है। आधार कार्ड भारत में पहचान से जुड़े प्रमुख दस्तावेजों में शामिल है, इसलिए शादी के बाद इसमें नाम की जानकारी सही रखना काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। बैंकिंग, पासपोर्ट, टैक्स और कई सरकारी सेवाओं में पहचान संबंधी जानकारी का सही होना जरूरी होता है। अगर शादी के बाद आपने अपना नाम या सरनेम बदला है और आधार कार्ड में इसे अपडेट कराना चाहते हैं, तो UIDAI की प्रक्रिया, स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेज और अपडेट रिक्वेस्ट से जुड़ी जानकारी जानना जरूरी है। खासतौर पर तब, जब आधार में दर्ज नाम PAN कार्ड, पासपोर्ट या बैंक रिकॉर्ड में मौजूद नाम से अलग हो।

शादी के बाद आधार में नाम अपडेट करना क्यों जरूरी है

शादी के बाद आधार कार्ड में नाम बदलने का सबसे सामान्य कारण नया सरनेम अपनाना या शादी के बाद नाम में किसी तरह का बदलाव करना है। आधार में सही नाम दर्ज होने से अलग-अलग सरकारी और वित्तीय रिकॉर्ड में पहचान संबंधी जानकारी को एक जैसा रखने में मदद मिलती है। बैंक KYC, इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और दूसरी सेवाओं में दस्तावेजों पर दर्ज नाम का आपस में मेल होना महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर आधार और दूसरे जरूरी दस्तावेजों में नाम अलग-अलग है, तो कुछ मामलों में वेरिफिकेशन के दौरान अतिरिक्त प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है। सही नाम अपडेट होने से पासपोर्ट, वीजा और सरकारी योजनाओं जैसी सेवाओं के लिए आवेदन करते समय पहचान संबंधी जानकारी में अंतर की समस्या कम हो सकती है। इसलिए शादी के बाद नाम या सरनेम बदलने पर जरूरी दस्तावेजों में रिकॉर्ड अपडेट रखना उपयोगी होता है।

आधार में नाम अपडेट करने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं

नाम बदलने के लिए ऐसे दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है, जिसमें आपका नया नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हो। शादी के बाद नाम अपडेट कराने के मामले में मैरिज सर्टिफिकेट महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकता है, क्योंकि इससे नाम में बदलाव का आधार स्पष्ट होता है। अपडेट किए गए नाम वाला पासपोर्ट भी नाम संबंधी जानकारी के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, परिस्थितियों और UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों के अनुसार गजट नोटिफिकेशन भी उपयोगी हो सकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज की स्कैन कॉपी साफ और आसानी से पढ़ी जा सकने वाली होनी चाहिए। वहीं, ऑफलाइन अपडेट के लिए आधार अपडेट सेंटर पर जाते समय मूल दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए साथ रखना जरूरी हो सकता है। सही और स्पष्ट दस्तावेज जमा करने से आवेदन में देरी या रिजेक्शन की संभावना कम करने में मदद मिलती है।

आधार कार्ड में नाम अपडेट करने की प्रक्रिया

आधार में नाम बदलने के लिए उपलब्ध UIDAI अपडेट प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध आधार अपडेट सेवा को खोलें। इसके बाद अपने आधार नंबर की मदद से लॉगिन करें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें। अब नाम अपडेट करने का विकल्प चुनें और अपना नया नाम उसी तरह दर्ज करें, जिस तरह वह आपके वैध सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट में लिखा हुआ है। नाम की स्पेलिंग और अन्य जानकारी भरते समय विशेष सावधानी रखें। इसके बाद मैरिज सर्टिफिकेट या नाम परिवर्तन से संबंधित स्वीकार्य दस्तावेज की स्कैन कॉपी अपलोड करें। आवेदन सबमिट करने से पहले दर्ज की गई जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेज को दोबारा जांच लें। रिक्वेस्ट सबमिट होने के बाद मिलने वाले अपडेट रिक्वेस्ट नंबर यानी URN को सुरक्षित रखें। इसकी मदद से नाम अपडेट रिक्वेस्ट का स्टेटस चेक किया जा सकता है।

ऑफलाइन भी करा सकते हैं आधार में नाम अपडेट

अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो आधार एनरोलमेंट या अपडेट सेंटर के जरिए भी नाम में बदलाव के लिए अनुरोध किया जा सकता है। इसके लिए आधार अपडेट फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेजों की कॉपी जमा करनी होती है। नाम जैसे डेमोग्राफिक अपडेट के लिए सेंटर पर पहचान और प्रक्रिया के अनुसार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जा सकता है। आवेदन जमा करने के बाद आपको एक्नॉलेजमेंट स्लिप दी जाती है, जिसमें अपडेट रिक्वेस्ट से जुड़ी जानकारी होती है। इसमें दिए गए URN की मदद से बाद में अपने आवेदन का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button