उत्तराखंड

ऋषिकेश में एम्स के नाम पर नौकरी का फर्जीवाड़ा, स्टिंग ऑपरेशन में तीन आरोपी पकड़े

ऋषिकेश:- एम्स ऋषिकेश के नाम पर बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर ठगी करने वाले एक फर्जी भर्ती रैकेट का खुलासा हुआ है। एम्स ऋषिकेश प्रशासन और सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में तीन लोगों को पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से एम्स सैटेलाइट सेंटर किच्छा के नाम से तैयार किए गए दो फर्जी नियुक्ति पत्र और अभ्यर्थियों से कथित तौर पर वसूली गई 2 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है।

शिकायतों के बाद एम्स प्रशासन ने बनाई कार्रवाई की योजना

एम्स प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग निर्माणाधीन एम्स किच्छा में अलग-अलग पदों पर भर्ती कराने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से पैसे मांग रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एम्स प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना तैयार की। इसी कार्रवाई के तहत एम्स सुरक्षा विभाग की इंटेलिजेंस टीम ने मंगलवार को गोपनीय सूचना के आधार पर बैराज रोड क्षेत्र में स्टिंग ऑपरेशन किया।

नौकरी के नाम पर पैसों के लेन-देन की सूचना

जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध आरोपी बैराज रोड पर एक क्रेटा कार में बैठकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से पैसों का लेन-देन कर रहे थे। एम्स सुरक्षा विभाग की टीम ने एक कर्मचारी को नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थी के तौर पर आरोपियों के पास भेजा। मामले में जालसाजी की पुष्टि होने के बाद टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया।

नर्सिंग ऑफिसर और MTS के फर्जी नियुक्ति पत्र मिले

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दो नियुक्ति पत्र बरामद किए गए। ये नियुक्ति पत्र दो अलग-अलग अभ्यर्थियों के नाम पर तैयार किए गए थे। इनमें एक पत्र नर्सिंग ऑफिसर और दूसरा मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) पद के लिए था। इसके अलावा टीम ने आरोपियों के कब्जे से अभ्यर्थियों से कथित तौर पर वसूली गई 2 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की।

तीनों आरोपी किच्छा क्षेत्र के रहने वाले

एम्स ऋषिकेश के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं सहायक कमांडेंट अनिल चंद्र के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए तीनों आरोपी ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के रहने वाले हैं। सुरक्षा विभाग की टीम ने आरोपियों को उनकी क्रेटा कार और बरामद फर्जी दस्तावेजों के साथ एम्स ऋषिकेश की पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया है। अब मामले में पुलिस स्तर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।

युवाओं से एम्स की अपील- बिचौलियों के झांसे में न आएं

एम्स ऋषिकेश के पीआरओ डॉ. श्रीलोय मोहंती ने युवाओं से नौकरी के नाम पर किसी भी बिचौलिए या एजेंट को पैसे नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश और उसके सैटेलाइट सेंटर एम्स किच्छा में भर्ती प्रक्रिया योग्यता और निर्धारित नियमों के आधार पर होती है। उन्होंने युवाओं से भर्ती से संबंधित जानकारी केवल एम्स की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से प्राप्त करने को कहा है।

नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगे तो करें शिकायत

एम्स प्रशासन के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति नियुक्ति पत्र दिलाने या नौकरी लगवाने के नाम पर पैसों की मांग करता है तो इसकी जानकारी तत्काल एम्स प्रशासन या पुलिस को दी जानी चाहिए। समय रहते शिकायत मिलने से ऐसे कथित फर्जी भर्ती मामलों पर कार्रवाई की जा सकती है। एम्स प्रशासन ने युवाओं को फर्जी नौकरी के ऑफर और एजेंटों के झांसे से सावधान रहने की सलाह दी है।

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