उत्तराखंड में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन आज, हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले पर सरकार को घेरेगी पार्टी

देहरादून:- हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। पार्टी ने प्रदर्शन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं और प्रदेशभर से कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं के देहरादून पहुंचने की उम्मीद है।
कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा भी देहरादून पहुंच चुकी हैं। पार्टी का आरोप है कि हल्द्वानी में शुद्धिकरण मामले को लेकर विभिन्न पुलिस थानों में तहरीर दिए जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के विरोध में भी कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री आवास घेराव के जरिए वह शुद्धिकरण मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाएगी। पार्टी ने इसे बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन के तौर पर आयोजित करने की तैयारी की है।
सैलजा बोलीं- भाजपा सरकार ने लोगों की भावनाओं के साथ विश्वासघात किया
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। सैलजा के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद उसी स्थान पर कथित तौर पर शुद्धिकरण कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा अलग-अलग तरह के राजनीतिक हथकंडे अपना रही है।
कांग्रेस में शामिल होंगे पूर्व दर्जाधारी रामकुमार वालिया
मुख्यमंत्री आवास घेराव से पहले कांग्रेस के कार्यक्रम में कई लोगों के पार्टी में शामिल होने की भी तैयारी है। पूर्व दर्जाधारी रामकुमार वालिया अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थामेंगे। वालिया ने हाल ही में भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाएंगी।
दिल्ली में एक घंटे का मौन व्रत रखेंगे हरीश रावत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इस मुद्दे पर अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे। फिलहाल स्वास्थ्य लाभ के लिए नई दिल्ली में रह रहे हरीश रावत सात सितंबर को अपने दिल्ली स्थित आवास पर एक घंटे का मौन व्रत रखेंगे। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि कुछ अनचाहे कारणों और अदृश्य शक्तियों के चलते वह बार-बार उत्तराखंड लौटने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अस्पृश्यता और अपमानजनक छुआछूत को संरक्षण देने वाली शक्तियों के खिलाफ संघर्ष चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसी संघर्ष में अपनी भागीदारी दर्ज कराने के लिए वह दिल्ली स्थित आवास पर एक घंटे का मौन व्रत रखेंगे और प्रार्थना करेंगे कि छुआछूत तथा सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाली शक्तियों की हार हो।




