CWC बैठक में चन्नी की गैर-मौजूदगी बनी चर्चा का विषय, परीक्षा के चलते नहीं हुए शामिल


कांग्रेस मुख्यालय स्थित इंदिरा भवन में बुधवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की अहम बैठक आयोजित की गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठन की गतिविधियों, राष्ट्रीय मुद्दों और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पंजाब कांग्रेस से पार्टी प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, मुनीष तिवारी और विजय इंदर सिंगला समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हालांकि, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बैठक में शामिल नहीं हो सके। उनकी गैर-मौजूदगी कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। खासतौर पर पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से सामने आ रहे मतभेदों और अलग-अलग नेताओं के बीच खींचतान को देखते हुए चन्नी की अनुपस्थिति को अहम माना गया।
जानकारी के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में अपनी एम.ए. की परीक्षा में शामिल होने के कारण दिल्ली में आयोजित CWC बैठक में नहीं पहुंच सके। बताया जा रहा है कि उन्होंने बैठक में शामिल न हो पाने की जानकारी पार्टी नेतृत्व को पहले ही दे दी थी। सूत्रों के अनुसार, चन्नी ने बैठक में अनुपस्थित रहने की अनुमति कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से एक दिन पहले ही ले ली थी। ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी को पार्टी नेतृत्व से किसी तरह की नाराजगी या दूरी से जोड़कर देखना उचित नहीं माना जा रहा है। CWC की बैठक में आने वाले महीनों में पांच महत्वपूर्ण राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी पार्टी की तैयारियों पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व ने चुनावी राज्यों में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। पंजाब कांग्रेस के लिहाज से यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी क्योंकि प्रदेश में पार्टी नेताओं के बीच मतभेद और अलग-अलग शक्ति केंद्रों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं सामने आती रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी पार्टी के भीतर कई तरह की अटकलें लगती रही हैं।
बैठक में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान का मुद्दा प्रमुखता से सामने नहीं आ सका। इसकी एक वजह यह भी रही कि पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल चरणजीत सिंह चन्नी बैठक में मौजूद नहीं थे। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति पहले से स्वीकृत थी और इसका कारण निजी शैक्षणिक व्यस्तता बताई गई है। पंजाब में कांग्रेस के सामने आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर तालमेल कायम करने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में CWC की बैठक को पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल चन्नी की गैर-मौजूदगी को लेकर पार्टी की ओर से किसी तरह की नाराजगी या विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परीक्षा के कारण उनकी अनुपस्थिति को लेकर मिली जानकारी के बाद यह स्पष्ट है कि उन्होंने बैठक में न पहुंच पाने की अनुमति पहले ही पार्टी नेतृत्व से ले ली थी।




