उत्तराखंड

अंकिता भंडारी केस: उम्रकैद की सजा पाए तीनों दोषियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं

नैनीताल:- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को राहत नहीं दी है। बुधवार, 19 अगस्त को दो दिन तक चली लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान तीनों अभियुक्तों की ओर से बचाव में विभिन्न तर्क पेश किए गए, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने के लिए उन्हें पर्याप्त नहीं माना।

हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में मिली है उम्रकैद

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने 30 मई 2025 को तीनों अभियुक्तों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के इस फैसले को तीनों अभियुक्तों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अपील के साथ उन्होंने जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी। इसी जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में दो दिन तक विस्तृत सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने तीनों की याचिकाएं खारिज कर दीं।

2022 में सामने आया था अंकिता भंडारी हत्याकांड

अंकिता भंडारी हत्याकांड सितंबर 2022 में सामने आया था। पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। यह रिजॉर्ट तत्कालीन आरोपी पुलकित आर्य का बताया गया था। अंकिता 18 सितंबर 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। इसके बाद मामले ने व्यापक स्तर पर तूल पकड़ा। करीब छह दिन बाद 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला बैराज से बरामद किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भाष्कर और स्टाफ सदस्य अंकित गुप्ता से पूछताछ की थी। जांच आगे बढ़ने के बाद तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

पीड़िता के पक्ष ने साक्ष्यों को बताया अहम

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि घटना के समय जांच के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आए थे, वे अदालत में सिद्ध हो चुके हैं। पीड़िता के पक्ष के अनुसार, यही साक्ष्य तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराने और सजा दिलाने के लिए पर्याप्त थे। दो दिन की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इससे हत्या मामले में उम्रकैद की सजा पाए पुलकित आर्य, सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को फिलहाल जेल से राहत नहीं मिली है।

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