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फुकेत-दिल्ली फ्लाइट मामले में नया मोड़, दो और पायलटों के टेस्ट में सामने आई गड़बड़ी

एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 से जुड़ी घटना के बाद पायलटों की ड्रग टेस्टिंग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 4 अगस्त 2026 को फुकेत से दिल्ली आ रही इस फ्लाइट के अचानक करीब 300 फीट नीचे आने की घटना के बाद एयर इंडिया के दो और पायलट ड्रग टेस्ट में पास नहीं हो पाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के फाइनल टेस्ट नतीजों का अभी इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत अपने सभी पायलटों की ड्रग टेस्टिंग कराने का फैसला किया था। इसी अभियान के तहत अब तक 300 से अधिक पायलटों का टेस्ट कराया जा चुका है। एयरलाइन की ओर से कराई जा रही इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उड़ान संचालन से जुड़े कर्मचारी किसी भी प्रतिबंधित या नशीले पदार्थ के प्रभाव में ड्यूटी न करें। सूत्रों के अनुसार, ड्रग टेस्ट की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद दो और पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम पुष्टि फाइनल टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। आमतौर पर ऐसे टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट आने में करीब 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है। यह पूरी कार्रवाई 4 अगस्त की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 की घटना के बाद और गंभीर हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड के लैंडिंग के बाद दो यूरिन टेस्ट किए गए थे, जिनमें कथित तौर पर मारिजुआना की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद मामले की जांच और ड्रग टेस्टिंग को लेकर एयरलाइन ने सख्ती बढ़ाई। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में केबिन क्रू के एक सदस्य की ओर से भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत में कथित तौर पर आरोप लगाया गया कि पायलट ने उड़ान से पहले मारिजुआना यानी पॉट का सेवन किया था। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।

फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को हुई घटना ने भी विमान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। एयरबस A320 विमान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गया था। इस दौरान विमान में सवार कई यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। प्रारंभिक तकनीकी जानकारी के मुताबिक, घटना के दौरान करीब चार सेकंड तक एलिवेटर और एलेरॉन जैसे महत्वपूर्ण फ्लाइट कंट्रोल सरफेस के एक साथ काम नहीं करने की बात सामने आई है। इसी हाइड्रोलिक समस्या के चलते विमान के स्पॉइलर का नियंत्रण भी प्रभावित होने की जानकारी दी गई है। इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, पायलटों की ड्रग टेस्टिंग को लेकर एयर इंडिया द्वारा उठाए गए कदमों को भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। दो अन्य पायलटों के टेस्ट में पास नहीं होने की खबर सामने आने के बाद एयरलाइन की आंतरिक सुरक्षा प्रक्रिया और पायलटों की मेडिकल स्क्रीनिंग पर भी ध्यान बढ़ गया है। हालांकि, फाइनल रिपोर्ट आने तक यह स्पष्ट नहीं माना जा सकता कि दोनों पायलटों ने किसी प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया था या नहीं। एयर इंडिया की ओर से पायलटों की व्यापक ड्रग टेस्टिंग जारी रहने के बीच अब आने वाली फाइनल रिपोर्ट पर नजर रहेगी। इन रिपोर्टों के आधार पर संबंधित पायलटों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और उनकी ड्यूटी पर वापसी को लेकर फैसला किया जा सकता है।

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