पंजाब के युवाओं के मुद्दे पर BJP का बड़ा हमला, भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने पंजाब में सरकारी भर्तियों को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से पंजाब के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। चुघ ने कहा कि जिस सरकार ने पारदर्शिता और बदलाव के वादे के साथ सत्ता संभाली थी, उसके कार्यकाल में भर्ती प्रक्रियाएं बार-बार सवालों के घेरे में आ रही हैं। चुघ ने पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (PSRLM) की भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि कुल 248 पदों में से 85 पदों की चयन प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को रोक लगानी पड़ी। उनके मुताबिक, 12 अगस्त को सुनवाई के दौरान अदालत ने अंकों के आवंटन को लेकर प्रथम दृष्टया कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव के लिए निर्धारित 20 अंकों का स्पष्ट हिसाब भी अदालत के सामने पेश नहीं किया जा सका।
उन्होंने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को निर्धारित है। चुघ ने इसे केवल एक भर्ती से जुड़ा विवाद मानने के बजाय पंजाब की भर्ती व्यवस्था में कथित व्यापक खामियों का उदाहरण बताया। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अंतिम निष्कर्ष अदालत की आगे की सुनवाई और जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। बीजेपी नेता ने फार्मेसी ऑफिसर और फार्मासिस्ट के 454 पदों की भर्ती का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को हाईकोर्ट ने इस भर्ती प्रक्रिया पर भी रोक लगाई थी। इस परीक्षा को लेकर 19 जुलाई को हुई परीक्षा में संगठित और तकनीकी माध्यमों से नकल के आरोप सामने आए थे। मामले में पंजाब पुलिस द्वारा कथित अंतरराज्यीय चीटिंग रैकेट की जांच का भी हवाला दिया गया। चुघ ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले पंजाब के लाखों युवा लंबे समय तक मेहनत करते हैं और परीक्षा व भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की उम्मीद रखते हैं। उनके मुताबिक, जब भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर बार-बार न्यायालय का हस्तक्षेप होता है तो इससे उम्मीदवारों के बीच असमंजस और अविश्वास की स्थिति पैदा होती है।
उन्होंने भगवंत मान सरकार से मांग की कि पिछले चार वर्षों के दौरान विवादों में आई सरकारी भर्तियों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। चुघ ने सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि जिन मामलों में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनमें जिम्मेदार अधिकारियों या अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। बीजेपी नेता ने पंजाब सरकार से भर्ती प्रक्रिया को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि इसमें अदालतों में चुनौती दी गई भर्तियों, जांच के दायरे में आए मामलों और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। चुघ ने आरोप लगाया कि यदि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो पंजाब के युवाओं का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को युवाओं से जुड़े बड़े विषय के रूप में उठाती रहेगी। बीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने भर्ती विवादों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएगी। वहीं, जिन भर्तियों को लेकर न्यायालय में मामले लंबित हैं, उनमें आगे की स्थिति अदालत के फैसलों और जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।



