उत्तर प्रदेश

UP Weather Update: पूर्वांचल से पूरे प्रदेश में दिखेगा मानसून का असर, जानें मौसम का हाल

लखनऊ:-  उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दोबारा सक्रिय हो गया है। बारिश में कमी के बीच कई क्षेत्रों में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों के दौरान बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहा। दिन में आसमान साफ रहने और तेज धूप के चलते अधिकतम तापमान बढ़ा। वातावरण में नमी के साथ धूप रहने से उमस भरी गर्मी का असर भी बढ़ गया।

13 से 18 अगस्त तक बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र आगे मजबूत होकर उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटीय हिस्सों के आसपास अधिक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होने तथा गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है। इसका असर 13 अगस्त की दोपहर से पूर्वांचल में दिखाई देने लगेगा। इसके प्रभाव से 13 से 18 अगस्त के बीच उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून का प्रभाव प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिल सकता है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, सुल्तानपुर और शाहजहांपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका अधिक बनी हुई है।

सामान्य से 22 फीसदी कम हुई बारिश

उत्तर प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक बारिश सामान्य से कम रही है। 1 जून से 12 अगस्त के बीच प्रदेश में सामान्य तौर पर 449 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि इस अवधि में 349 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यानी प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 22 फीसदी कम रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य 478 मिलीमीटर के मुकाबले 335 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 30 फीसदी कम है। पश्चिमी यूपी में सामान्य 409 मिलीमीटर के मुकाबले 370 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 10 फीसदी कम है।

लखनऊ में उमस ने बढ़ाई परेशानी

राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से आसमान साफ रहा और दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होती गई। इसके चलते शहर में उमस भरी गर्मी महसूस की गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को लखनऊ में मुख्य रूप से आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि, बीच-बीच में बादल छा सकते हैं और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है।

फर्रुखाबाद सबसे गर्म, बिजनौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान

बुधवार को फर्रुखाबाद प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। वहीं बिजनौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा।

 

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