पंजाब

कबड्डी जगत को बड़ा झटका, मशहूर रेडर गुरजीत सिंह तूत का निधन


पंजाब के कबड्डी जगत से बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर रेडर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत सिंह तूत का निधन हो गया। उन्होंने फरीदकोट स्थित गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही कबड्डी खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, गुरजीत सिंह तूत पिछले काफी समय से किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। बीमारी के चलते उनका इलाज चल रहा था और इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा था। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और उनका निधन हो गया। गुरजीत सिंह तूत पंजाब के फिरोजपुर जिले के गांव तूत के रहने वाले थे। इसी गांव के नाम से उन्होंने कबड्डी की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। खेल के दौरान उन्होंने कई मुकाबलों में अपने दमदार प्रदर्शन से दर्शकों और कबड्डी प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी खेल शैली और मजबूत कद-काठी उन्हें मैदान पर दूसरे खिलाड़ियों से अलग पहचान देती थी। करीब सवा छह फीट लंबे गुरजीत सिंह तूत का शरीर मजबूत था और वह अपनी दमदार रेडिंग के लिए जाने जाते थे। कबड्डी के मैदान में उनकी लंबाई और शारीरिक क्षमता का उन्हें खास फायदा मिलता था। रेड के दौरान उनका आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज कबड्डी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय रहा।

गुरजीत सिंह तूत ने पंजाब की पारंपरिक कबड्डी संस्कृति से निकलकर बड़े स्तर पर अपनी पहचान बनाई। अपने खेल करियर के दौरान उन्होंने कई मुकाबलों और टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया। उनके खेल को देखने के लिए बड़ी संख्या में कबड्डी प्रेमी मैदानों में पहुंचते थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने पंजाब और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनके निधन की खबर ने कबड्डी जगत को गहरा झटका दिया है। पंजाब में कबड्डी सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की खेल संस्कृति का अहम हिस्सा है। ऐसे में गुरजीत सिंह तूत जैसे चर्चित खिलाड़ी का अचानक चले जाना उनके प्रशंसकों और साथी खिलाड़ियों के लिए बेहद भावुक करने वाला है। गुरजीत सिंह तूत की पहचान सिर्फ एक मजबूत रेडर के तौर पर नहीं थी, बल्कि वह अपनी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने कबड्डी के मैदान पर अपने प्रदर्शन के जरिए अपनी अलग जगह बनाई। उनके खेल करियर को याद करते हुए कबड्डी प्रेमी और साथी खिलाड़ी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके निधन की सूचना के बाद सोशल मीडिया और खेल जगत में भी शोक संदेश सामने आने लगे। खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने गुरजीत सिंह तूत के निधन पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उनके जाने से पंजाब के कबड्डी जगत में एक ऐसी कमी महसूस की जा रही है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

गुरजीत सिंह तूत का निधन ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में कबड्डी को लेकर युवाओं के बीच लगातार उत्साह बना हुआ है। गांवों से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों में उनकी भी अपनी खास पहचान रही। उनका खेल सफर आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के तौर पर याद किया जाएगा। गुरजीत सिंह तूत के निधन से उनके परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और प्रशंसकों में गहरा दुख है। खेल जगत ने एक प्रतिभाशाली और चर्चित कबड्डी खिलाड़ी को खो दिया है। उनके प्रशंसक उनके शानदार खेल प्रदर्शन और मैदान पर दिखाए गए जज्बे को लंबे समय तक याद रखेंगे।




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