उत्तराखंड

हरिद्वार में कांवड़ियों का सैलाब, नारसन बॉर्डर से हाईवे तक रंगीन LED लाइटों से जगमग हुआ मार्ग

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेला अपने चरम पर पहुंच चुका है। शिवभक्तों की भारी भीड़ के बीच डाक कांवड़ वाहनों का आगमन भी शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से डाक कांवड़ वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर बैरागी कैंप पार्किंग की ओर भेजा जा रहा है। इसी बीच हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने देर रात बैरागी कैंप पार्किंग पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने कांवड़ियों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। हरियाणा से पहुंचे कांवड़ियों के बीच दोनों अधिकारियों के पहुंचने पर उन्होंने पार्किंग व्यवस्था की तारीफ की। इस दौरान कांवड़ियों ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें चाय और नमकीन भी खिलाई।

कांवड़ियों से बोले SSP- रात के खाने में क्या बना रहे हो भोले?

बैरागी कैंप में कांवड़ियों से बातचीत के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सहज अंदाज में पूछा कि रात के खाने में क्या बना रहे हो भोले? इस पर कांवड़ियों ने बताया कि उनके यहां मटर पनीर और चावल बन रहे हैं। कांवड़ियों के जवाब पर एसएसपी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि फिर तो हम भी यहीं कुर्सी डाल लेते हैं भोले। बातचीत के दौरान कांवड़ियों ने बताया कि वे डाक कांवड़ लेकर हरिद्वार पहुंचे हैं और गंगाजल भरने के बाद अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे।

डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ियों को भरोसा दिलाया कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे स्थानीय पुलिस को सूचना दे सकते हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्वक कांवड़ यात्रा पूरी करने और किसी भी तरह का हुड़दंग न करने की अपील भी की।

नारसन बॉर्डर से हाईवे तक रंगीन LED लाइटों से सजा मार्ग

कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। डीएम मयूर दीक्षित के निर्देशन में नारसन बॉर्डर प्रवेश द्वार से राष्ट्रीय राजमार्ग तक आकर्षक रंगीन एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। रात के समय इन लाइटों की वजह से पूरा मार्ग भव्य और आकर्षक नजर आ रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख कांवड़ मार्गों, पार्किंग स्थलों, शिविर क्षेत्रों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी पर्याप्त विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

रात में कांवड़ियों के आवागमन के लिए विशेष इंतजाम

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात में भी पैदल और वाहनों से आवाजाही करते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को रात के समय आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

हरिद्वार में कांवड़ियों का आंकड़ा 2 करोड़ 64 लाख के पार

पुलिस प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार शाम तक हरिद्वार कांवड़ मेले में आने वाले शिवभक्तों की संख्या 2 करोड़ 64 लाख 08 हजार पहुंच गई थी। गंगा आरती तक इतनी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके थे। अब डाक कांवड़ वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही दोपहिया वाहनों से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं। प्रशासन के अनुसार महाशिवरात्रि तक कांवड़ियों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। इस बार श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में कांवड़ मेले में पिछले रिकॉर्ड टूटने की संभावना भी बढ़ गई है।

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