पंजाब

कर्मचारियों के डीए और पुरानी पेंशन को लेकर सरकार पर बढ़ा दबाव

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन सदन में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। पंचायत भूमि, सड़क निर्माण, अवैध खनन, कर्मचारियों के लंबित डीए, पुरानी पेंशन योजना, धान खरीद की तैयारियां और वोटर सूची से नाम हटाए जाने जैसे मामलों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सत्र के दौरान स्पीकर ने कहा कि राज्य में कई ऐसी जमीनें हैं जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। ये जमीनें पंचायत के नाम भी दर्ज नहीं हैं, जबकि वर्षों से किसान इन पर खेती कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी भूमि का स्वामित्व उन किसानों को देने पर सरकार विचार करे जो लंबे समय से उस पर खेती कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़क निर्माण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश और मौसम की परिस्थितियों के कारण सड़क निर्माण कार्य प्रभावित होता है, लेकिन सितंबर से दिसंबर के बीच तेजी से काम कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी होगी।

विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने गांवों में जमीनों के बंटवारे और बैंक ऋण से जुड़ी समस्याएं उठाईं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट एसओपी नहीं होने के कारण किसानों और ग्रामीणों को काफी परेशा  कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को  अपनी बात रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने छोटे होटलों में सत्यापन व्यवस्था मजबूत करने और वहां होने वाली अवैध गतिविधियों तथा नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अवैध खनन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पठानकोट समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक अधिकारी ने मंत्री के दबाव में खनिज संपदा वाली 92 एकड़ जमीन बेहद कम कीमत पर आवंटित कर दी। बाजवा ने कहा कि इस मामले की शिकायत राज्यपाल को भी भेजी जा चुकी है। उनके आरोपों के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कांग्रेस विधायक सदन के बीच आकर विरोध करने लगे।

बाजवा ने ईडी की हालिया कार्रवाई का भी जिक्र किया और कहा कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा है और हाईकोर्ट भी रावी नदी के आसपास अवैध खनन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बता चुका है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक मनप्रीत अयाली ने कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते, पुरानी पेंशन योजना और शिक्षकों को नियमित करने का मुद्दा उठाया। वहीं तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने धान खरीद से पहले गोदामों में जगह की कमी पर चिंता जताई और केंद्र सरकार से अतिरिक्त मालगाड़ियां उपलब्ध कराने की मांग की ताकि किसानों की फसल समय पर उठाई जा सके। कुलजीत सिंह रंधावा ने डेराबस्सी क्षेत्र के करीब 100 गांवों तक नहरी पानी पहुंचाने की मांग रखी। वहीं विधायक अमनशेर सिंह कलसी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में वोट काटे जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पूरे दिन विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और कई बार हंगामे का माहौल बना रहा।

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