उत्तराखंड

देहरादून बाईपास परियोजना से दिल्ली-पांवटा सफर होगा आसान, डीएम ने प्रगति की समीक्षा की

देहरादून:- जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति, उपलब्ध मशीनरी, श्रमिकों की संख्या और अन्य संसाधनों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य तेज करने तथा प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगी बड़ी राहत

डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि यह परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। भारी और ट्रांजिट वाहनों का दबाव शहर के भीतर कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित, तेज और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा उन्होंने भूमि अधिग्रहण, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान कर परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।

देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगी बड़ी राहत

डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि यह परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। भारी और ट्रांजिट वाहनों का दबाव शहर के भीतर कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित, तेज और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा उन्होंने भूमि अधिग्रहण, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान कर परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।

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