पंजाब

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ी खींचतान

पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पिछले कुछ दिनों में पार्टी के भीतर हुए घटनाक्रमों ने यह संकेत दे दिया है कि कई नेताओं के समर्थकों के बीच खींचतान लगातार बढ़ रही है। पहले पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की रैली में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में जोरदार नारे लगे थे और अब अमृतसर में चन्नी के विरोध में लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है। बुधवार सुबह अमृतसर के कंपनी बाग के बाहर लगे पोस्टरों ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को नई चर्चा दे दी। इन पोस्टरों में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थक होने और भारतीय जनता पार्टी का साथ देने जैसे आरोप लगाए गए। पोस्टर पर लिखा था, “सामने आओ चन्नी जी, तुमने बीजेपी की क्यों मानी जी?” वहीं एक अन्य संदेश में कांग्रेस नेतृत्व से अपील करते हुए लिखा गया, “राहुल गांधी से बस यही पुकार, चन्नी को करो कांग्रेस से बाहर।” सुबह जैसे ही राहगीरों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी, पूरे शहर में इसकी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन ने लगाए, इसका कहीं कोई उल्लेख नहीं किया गया है। कांग्रेस की स्थानीय और प्रदेश इकाई की ओर से भी इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे अटकलों का दौर लगातार जारी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के भीतर अलग-अलग नेताओं के समर्थक अब खुलकर सक्रिय हो गए हैं। पहले राजा वड़िंग की रैली में चन्नी के समर्थन में लगे नारे और अब उनके विरोध में लगाए गए पोस्टर इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि पार्टी के अंदर मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं कांग्रेस के संगठन और नेतृत्व दोनों के लिए चुनौती बन सकती हैं। उधर मोगा में बुधवार को आयोजित कांग्रेस की अहम कार्यकर्ता बैठक से पहले भी पोस्टर वार देखने को मिला। इस बैठक में कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कार्यकर्ताओं को संबोधित करने वाले हैं। लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही शहर के कई इलाकों में ऐसे पोस्टर लगाए गए जिनमें राजा वड़िंग और भूपेश बघेल को कांग्रेस से हटाने की मांग की गई। इन पोस्टरों में लिखा गया, “अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और भूपेश बघेल को कांग्रेस से हटाओ, कांग्रेस को बचाओ” तथा “चन्नी को लाओ, कांग्रेस बचाओ।” माना जा रहा है कि ये पोस्टर चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों की ओर से लगाए गए हैं। हालांकि इसकी भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लगातार सामने आ रहे समर्थन और विरोध के पोस्टरों ने यह साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर अंदरूनी खींचतान खत्म होने के बजाय और तेज होती जा रही है। चुनाव से पहले पार्टी के भीतर इस तरह की बयानबाजी और पोस्टर पॉलिटिक्स विपक्षी दलों को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका दे सकती है। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान पर टिकी है कि वह इन बढ़ते विवादों को कैसे संभालता है और संगठन में एकजुटता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।

Related Articles

Back to top button