संसद मार्च के दौरान आंसू गैस, बैरिकेडिंग टूटी; अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात

नई दिल्ली:- राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया। संसद की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
जानकारी के अनुसार, करीब 20 से 25 मिनट तक पुलिस की ओर से आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इससे पहले प्रदर्शनकारियों के बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की बात सामने आई थी। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों ने संसद परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
संसद की सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं। संसद के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। प्रशासन की ओर से संसद परिसर की सुरक्षा को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से संसद परिसर में प्रवेश की कोशिश किए जाने की आशंका के बीच सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाए।
बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ी भीड़
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। बताया जा रहा है कि कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए थे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया गया। संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया।
अनशन खत्म करने की अपील
प्रदर्शन के बीच आंदोलन से जुड़े एक अहम घटनाक्रम में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत का दौर जारी है। इसी वजह से उन्होंने आंदोलनकारियों से फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने की अपील की। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका की बातचीत भी चल रही है। बातचीत के जरिए गतिरोध को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से डिस्चार्ज की मांग की
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर उन्हें डिस्चार्ज करने का अनुरोध किया। उन्होंने पत्र में कहा कि उन्हें संसद मार्च में शामिल होना है और इसके लिए अस्पताल से छुट्टी दी जाए। सोनम वांगचुक की रिहाई और प्रदर्शन में उनकी भागीदारी से जुड़ा मुद्दा आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल बताया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक से जुड़े आंदोलनकारियों की ओर से शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच मुलाकात भी हुई। इस बैठक को मौजूदा परिस्थितियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजधानी में बढ़ा राजनीतिक तनाव
जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन संसद तक पहुंचने के बाद दिल्ली में राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर हलचल तेज हो गई है। एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर संसद तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसियां संसद परिसर की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहतीं। आंसू गैस के इस्तेमाल और बैरिकेडिंग पार करने की घटनाओं के बाद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत से इस गतिरोध का समाधान निकलता है या प्रदर्शन आगे भी जारी रहता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।




