पंजाब

दो सिख युवकों की मौत वाले बहिबल कलां केस में SIT ने बढ़ाई कार्रवाई

साल 2015 के चर्चित बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े बहिबल कलां गोलीकांड की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। एसआईटी ने उन्हें 20 जुलाई को चंडीगढ़ में जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार हाल ही में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने बहिबल कलां गोलीकांड को लेकर अपना बयान एसआईटी के समक्ष दर्ज कराया था। उनके बयान के बाद जांच एजेंसी ने मामले में नई कड़ियों को जोड़ते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। एसआईटी ने पिछले कुछ दिनों में घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया है और कई अहम गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। जांच टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

इससे पहले एसआईटी कोटकपूरा के तत्कालीन अकाली विधायक मनतार सिंह बराड़ से दो बार पूछताछ कर चुकी है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला से भी इस मामले में पूछताछ की जा चुकी है। अब जांच के अगले चरण में सुखबीर सिंह बादल को तलब किया गया है। जानकारी के मुताबिक बहिबल कलां गोलीकांड मामले में अभी एक चार्जशीट दाखिल होना बाकी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद उस समय की सरकार से जुड़े कुछ अन्य नेताओं के नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में फरीदकोट जिले के बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांवों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। प्रदर्शनकारी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

14 अक्टूबर 2015 को बहिबल कलां में शांतिपूर्ण धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस कार्रवाई की गई। इसी दौरान हुई गोलीबारी में दो सिख प्रदर्शनकारियों गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और यह मामला पंजाब की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया। अब एसआईटी की ताजा कार्रवाई को इस बहुचर्चित मामले की जांच में एक अहम कदम माना जा रहा है। 20 जुलाई को सुखबीर सिंह बादल से होने वाली पूछताछ पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और माना जा रहा है कि इससे जांच को नई दिशा मिल सकती है।

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