डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास को मिला पद्मश्री सम्मान

डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख और प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत निरंजन दास को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा, मानव कल्याण, सामाजिक समरसता, समानता और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस सम्मान के साथ संत निरंजन दास का नाम उन चुनिंदा व्यक्तित्वों में शामिल हो गया है जिन्होंने समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
सम्मान समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। समारोह में संत निरंजन दास की वर्षों से चली आ रही सामाजिक और आध्यात्मिक सेवाओं की सराहना की गई। उनके नेतृत्व में डेरा सचखंड बल्लां ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, मानव सेवा और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं, जिनका लाभ देश और विदेश में बसे लाखों श्रद्धालुओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों को मिला है।
पद्मश्री सम्मान मिलने की खबर सामने आने के बाद पंजाब सहित देशभर के रविदासिया समाज में खुशी और गर्व का माहौल है। श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने संत निरंजन दास को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक स्थलों तक उनके सम्मान की चर्चा हो रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी संत निरंजन दास को पद्मश्री सम्मान मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल संत निरंजन दास का सम्मान नहीं बल्कि पूरे पंजाब और रविदासिया समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि संत जी द्वारा मानवता की सेवा, सामाजिक समानता और लोगों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने संत निरंजन दास के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सेवाभाव से आने वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा लेती रहेंगी। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और समानता का संदेश फैलाने में संत निरंजन दास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
गौरतलब है कि डेरा सचखंड बल्लां का देश और विदेश में बसे रविदासिया समाज के बीच विशेष महत्व है। संत निरंजन दास लंबे समय से सामाजिक उत्थान, धार्मिक जागरूकता और मानव सेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं। पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद उनके अनुयायियों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है और इसे समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान माना जा रहा है।



